लोहाघाट का उपयोगविहीन ट्रॉमा सेंटर। संवाद न्यूज एजेंसी
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कोरोना काल से कई सबक लेते कुछ अच्छे काम हुए, कुछ सुधार भी हुए। ऑक्सीजन की कमी से लेकर आईसीयू की सुविधाओं को जरूर बढ़ाया गया लेकिन अनेकों छोटी-छोटी दिक्कतों को दूर करने के लिए एक भी कदम नहीं उठाया गया। ये भूल कोरोना की चौथी लहर में भारी पड़ सकती है। जिले के सिर्फ दो अस्पतालों में ही एक्सरे की सुविधा है और अल्ट्रासाउंड परीक्षण की सुविधा तो सिर्फ एक जगह ही है।
लंबे समय से चंपावत जिले के किसी भी अस्पताल में हफ्ते के हर कार्यदिवस में अल्ट्रासाउंड परीक्षण नहीं हो रहे हैं। चंपावत जिला अस्पताल और टनकपुर उप जिला अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट की कमी परीक्षण के आड़े आ रही है। जिला अस्पताल में हफ्ते में बृहस्पतिवार, टनकपुर में शुक्रवार-शनिवार और लोहाघाट में भी सिर्फ तीन दिन ही परीक्षण हो रहे हैं।
टनकपुर उप जिला अस्पताल में तो एक्सरे की भी सुविधा नहीं मिल पा रही है। इतना ही नहीं जिले के दोनों ट्रामा सेंटर लोहाघाट और टनकपुर उपयोग के लायक स्थिति में नहीं है। इन हालातों में कोरोना की चौथी लहर आने पर बचाव को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
ट्रामा सेंटर के स्टाफ के लिए उच्चाधिकारियों से आग्रह किया गया है। वहीं टनकपुर में रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती के अलावा एक्सरे तकनीशियन के पदों को भरने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इन पदों को भरे जाने के बाद ही स्थिति में सुधार होगा। - डॉ. केके अग्रवाल, सीएमओ, चंपावत।