फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जय बदरीनाथ के जयघोष के साथ आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी और रावल पांडुकेश्वर के लिए रवाना

विज्ञापन
जोशीमठ नृसिंह मंदिर से पांडुकेश्वर के लिए रवाना होती आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी व गाडू घड़ा ते? - फोटो : GOPESHWAR
विज्ञापन
नृसिंह मंदिर में वैदिक पूजा-अर्चना संपन्न होने के बाद आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी और बदरीनाथ के रावल (मुख्य पुजारी) ईश्वर प्रसाद नंबूदरी योग ध्यान बदरी मंदिर पांडुकेश्वर के लिए रवाना हो गए हैं। शाम करीब चार बजे वे रात्रि प्रवास के लिए पांडुकेश्वर पहुंचे। शनिवार को रावल के साथ देव डोलियां बदरीनाथ धाम के लिए प्रस्थान करेंगी। इसके साथ ही गाडू घड़ा तेल कलश यात्रा भी बदरीनाथ धाम के लिए रवाना हो गई है। आठ मई को सुबह ब्रह्ममुहुर्त में 6:15 बजे बदरीनाथ धाम के कपाट खोल दिए जाएंगे।
विज्ञापन

शुक्रवार को जोशीमठ नृसिंह मंदिर में वैदिक पूजाएं संपन्न होने के बाद आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी, रावल ईश्वर प्रसाद नंबूदरी, धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल के साथ ही श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के वेदपाठी आचार्य ब्राह्मण व अधिकारीगण योग ध्यान बदरी मंदिर पांडुकेश्वर के लिए रवाना हुए। नृसिंह मंदिर में इस दौरान स्थानीय महिलाओं ने मांगल गीत गाए और यात्रा को विदा किया। इस दौरान जय बदरीनाथ के जयघोष से भगवान नृसिंह की नगरी जोशीमठ गुंजायमान हो उठी। बीकेटीसी के उपाध्यक्ष किशोर पंवार ने कहा कि धाम में तीर्थयात्रियों को कोई असुविधा नहीं होने दी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें