चमोली जिले के दशोली ब्लॉक के अंतर्गत पाणा गांव में निजमुला-बिरही मार्ग बंद होने पर बीमार महिला को ग्रामीणों ने सात किमी पैदल चलकर कुर्सी के सहारे अस्पताल पहुंचाया। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क बंद होने के कारण आवाजाही में दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि पाणा गांव की छांजरी देवी पत्नी शंकर सिंह का एक सप्ताह पहले घर पर काम करते समय पैर जल गया था। निजमुला-बिरही मार्ग बंद होने के चलते वह अस्पताल नहीं पहुंच पाए, जिससे पैर में इंफेक्शन बढ़ने के कारण वह चल नहीं पा रही थी। ऐसे में ग्रामीणों ने कुर्सी पर डंडे बांधकर महिला को सात किमी पैदल चलकर पगना के पास सड़क तक पहुंचाया। वहां से वाहन के जरिए उन्हें जिला अस्पताल गोपेश्वर जाया गया है। गांव के पूरण सिंह फरस्वाण, मकर सिंह फरस्वाण, हिम्मत सिंह आदि ने बताया कि बारिश के कारण रास्ते जगह-जगह बंद हैं और गांव में सड़क और स्वास्थ्य सुविधा का अभाव है। ईराणी गांव के ग्राम प्रधान मोहन सिंह नेगी ने बताया कि कई जगहों पर रास्ते काफी खतरनाक हैं, जिस पर चलना खतरनाक है। ऐसे में बीमार को कुर्सी पर बिठाकर अस्पताल ले जाना किसी चुनौती से कम नहीं है।