पीपलकोटी में टीएचडीसी के मुख्य प्रशासनिक भवन के बाहर धरना-प्रदर्शन करते हाट गांव के ग्रामीण।
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विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना का निर्माण कर रही टीएचडीसी कंपनी के खिलाफ हाट गांव के ग्रामीणों ने धरना-प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का कहना है कि मकानों का ध्वस्तीकरण करने के बाद टीएचडीसी ने उन्हें आवास की सुविधा नहीं दी है। देर शाम को मौके पर पहुंचे संयुक्त मजिस्ट्रेट अभिनव शाह ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि 11 अक्तूबर को टीएचडीसी के अधिकारियों के साथ बैठक कर उनकी मांगों पर कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद ग्रामीणों ने 11 अक्तूबर तक आंदोलन स्थगित कर दिया।
सोमवार को सुबह सात बजे जुलूस के रूप में ग्रामीण परियोजना के प्रशासनिक भवन के मुख्य गेट पर पहुंचे। उन्होंने यहां धरना देकर कंपनी के विरोध में प्रदर्शन किया। ग्राम प्रधान राजेंद्र हटवाल ने कहा कि 22 सितंबर को टीएचडीसी और प्रशासन ने हाट गांव में जबरन मकानों को ध्वस्त कर दिया था।
टीएचडीसी ने बेघर हुए ग्रामीणों को आवास सुविधा देने का आश्वासन दिया था, लेकिन 12 दिनों बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई है। चेतावनी दी गई कि जब तक बेघरों को आवास सुविधा नहीं दी जाती, तब तक आंदोलन जारी रखा जाएगा। दशोली ब्लॉक के ज्येष्ठ प्रमुख पंकज हटवाल ने कहा कि टीएचडीसी के अधिकारियों की ओर से लगातार ग्रामीणों को गुमराह किया जा रहा है। मौके पर पहुंचे संयुक्त मजिस्ट्रेट अभिनव शाह ने कहा कि 11 अक्तूबर को टीएचडीसी के अधिकारियों के साथ बैठक की जाएगी। उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा। जिस पर ग्रामीण मान गए और उन्होंने अपना आंदोलन स्थगित कर दिया। इस मौके पर युवक मंगल दल अध्यक्ष अमित गैरोला, शरद गैरोला, इंद्र प्रकाश पंत, सोनू फर्स्वाण, भगवती हटवाल, गुड्डी देवी, कुसुमलता देवी, मलकेश्वरी देवी, नरवदा देवी, पीतांबरी देवी आदि मौजूद थे।