बरसात में मलबा आने से चार महीनों से बंद टटासू-सैंण-रयाल-बांगड़ी मार्ग खोलने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने यूकेडी नेता उमेश खंडूड़ी की अगुवाई में सरकार के विरोध में प्रदर्शन किया। गुस्साए ग्रामीणों ने कहा कि 17 जून को बारिश से उनके गांव की सड़क बंद हो गई थी, लेकिन प्रशासन और लोनिवि ने अभी तक मार्ग नहीं खोला, जिससे ग्रामीणों को पैदल आवाजाही करनी पड़ रही है। उन्होंने जल्द सड़क न खोले जाने पर आमरण अनशन की चेतावनी दी।
यूकेडी नेता उमेश खंडूड़ी ने कहा कि सड़क में कई स्थानों पर भूस्खलन हुआ है और भारी मात्रा में मलबा आने से सड़क चार माह से बंद है। कहा कि सरकार गड्ढे मुक्त सड़कों की बात कर आपदा में क्षतिग्रस्त मार्गों को खोलने के दावे कर रही है, लेकिन चार माह से बंद टटासू-सैण-रयाल-बांगड़ी मार्ग को नहीं खोल पाई है। ऐसे में लोग पैदल चल रहे और रास्ते में जंगली जानवरों का डर बना रहता है। यदि लोनिवि ने शीघ्र मार्ग नहीं खोला तो मजबूर होकर आमरण करेंगे। प्रेम सिंह, भवानी, सुभाष, प्रदीप, मीरा देवी, मुन्नी देवी, रमा देवी, रेखा देवी, उमेश, रोहित, राजेश्वरी, दिनेश ने कहा कि उनको आवश्यक खाद्य सामग्री लेकर कई किमी पैदल चलना पड़ रहा है। 12 गांवों की जनता यातायात सुविधा से वंचित है। वहीं, लोक निर्माण विभाग के एई रशीद खान ने कहा कि जेसीबी से मलबा हटाकर जल्द मार्ग खोल दिया जाएगा।
एक माह बाद भी नहीं बना पोखरी-कर्णप्रयाग सड़क का पुश्ता
पोखरी। एक माह पहले बारिश से टूटा पोखरी-कर्णप्रयाग मोटर मार्ग का पुश्ता अभी तक नहीं बनाया जा सका है। पुश्ता टूटने से सड़क संकरी हो गई, जिससे यहां बड़े वाहनों की आवाजाही नहीं हो पा रही है। व्यापारियों को सामान पहुंचाने में काफी मुश्किल उठानी पड़ रही है।
लंबे समय बाद सरकारी सस्ता गल्ला विक्रेताओं की हड़ताल खुली, लेकिन सड़क टूटने से पोखरी, हापला, त्रिशूला और खदेड़ पट्टी के राशन विक्रेता राशन नहीं पहुंचा पा रहे हैं। पूर्व ब्लॉक प्रमुख नरेंद्र रावत, मयंक पंत, भाजपा नेता आनंद सिंह राणा, प्रधान संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष धीरेंद्र राणा, कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष कुंवर सिंह चोधरी, रमेश चौधरी आदि ने लोनिवि से यहां जल्द पुश्ता बनाने की मांग की। इस संबंध में लोनिवि के अधिशासी अभियंता संजय प्रसाद सिन्हा का कहना है कि पुश्ते निर्माण का आगणन तैयार किया जा रहा है। संवाद