गुरुवार को घटना के नौवें दिन बाद मिले दो लोगों के शव
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चमोली जिले के डुंग्री गांव के आल्यूं तोक में बारिश के दौरान भूस्खलन के मलबे में दबे दो लोगों के शव गुरुवार को घटना के नौवें दिन बाद मिले। हादसे के बाद से ही पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और एसएसबी के जवान उनकी खोज में जुटे थे। वहीं, आपदा में मरने वाले लोगों का आंकड़ा 79 पहुंच गया है।
महावीर सिंह और भरत सिंह भूस्खलन के दौरान मलबे में दब गए थे
ग्राम प्रधान नरेंद्र रावत ने बताया कि 19 अक्तूबर को बारिश के दौरान गांव की पेयजल योजना ठीक करने गए डुंग्री गांव के दो लोग महावीर सिंह और भरत सिंह भूस्खलन के दौरान मलबे में दब गए थे। तभी से उनकी खोज शुरू कर दी गई थी लेकिन उनका कुछ पता नहीं सका।
मुख्यमंत्री ने दिए थे रेस्क्यू ऑपरेशन में तेजी लाने के निर्देश
22 अक्तूबर को मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने डुंग्री गांव आकर लापता दोनों युवकों के परिजनों को ढांढस बंधाते हुए अधिकारियों को रेस्क्यू ऑपरेशन में तेजी लाने के निर्देश दिए थे। इस कार्य में खोजी कुत्तों की मदद भी ली गई, लेकिन फिर भी कामयाबी नहीं मिली।
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इसके बाद प्रशासन ने जेसीबी के जरिए मलबा हटाने का काम शुरू किया तो दो दिन की कड़ी मशक्कत के बाद गुरुवार देर शाम दोनों लोगों के शव मलबे से मिले।
प्रदेश में 139 मार्ग अब भी बंद
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के मुताबिक प्रदेश में आपदा के बाद से अब भी 139 मार्ग बंद हैं। जिनमें नैनीताल जिले में 23, अल्मोड़ा में सात, चंपावत में 44, ऊधमसिंह नगर में एक, पिथौरागढ़ में 22, बागेश्वर में एक, चमोली में 37, टिहरी में तीन और उत्तरकाशी जिले में एक मोटर मार्ग बंद है।