कोटेश्वर गांव स्थित कैफे संचालक ने जिलाधिकारी से मांग की है कि उनके कैफे को खाली कराने की मत्स्य विभाग की कार्रवाई को निरस्त किया जाए, जिससे उनका रोजगार चलता रहे।
बैरागना पास मत्स्य हैचरी के नजदीक जिला प्रशासन ने राजेंद्र बिष्ट को 2019-20 में कॉफी हाउस का संचालन कराने की अनुमति दी थी, लेकिन अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन करने के आरोप में मत्स्य विभाग ने उन्हें नोटिस जारी कर छह मार्च तक हैचरी के पास किए गए निर्माण को ध्वस्त करने और कैफे संचालन बंद करने को कहा है। संचालक राजेंद्र बिष्ट ने इस संबंध में जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा है। जिसमें कहा है कि उन्हें मत्स्य विभाग ने पांच साल के अनुबंध पर कैफे संचालन की अनुमति दी थी। उन्होंने बैंक से ऋण लेकर इसका संचालन शुरू किया। साथ ही चार स्थानीय युवाओं को भी इसमें रोजगार दिया। लेकिन अचानक इसे बंद कराने का आदेश दिया गया है। ज्ञापन देने वालों में राजेंद्र बिष्ट के साथ उषा रावत, विकास जुगरान, युवा मंगलदल अध्यक्ष योगेंद्र बिष्ट, अंजना राणा आदि शामिल रहे।