गोपेश्वर/पोखरी/कर्णप्रयाग/आदिबदरी/देवाल। सावन के चौथे सोमवार को शिवालयों में जलाभिषेक के लिए भक्तों का तांता लगा रहा। सुबह से हो रही बारिश के बावजूद शिवभक्तों ने बड़ी संख्या में शिवालयों में पहुंचकर भगवान शिव को जल चढ़ाकर पूजा अर्चना की। इस दौरान शिवालय बम-बम भोले के जयकारों से गुंजायमान रहे।
मंगरोली गांव के मंगलेश्वर मंदिर में पूर्व प्रधान तेजवीर कंडेरी की ओर से भंडारे का आयोजन किया गया। गोपीनाथ मंदिर में जल चढ़ाने के लिए भक्तों की लाइन लगी रही। इसके अलावा आस-पास के ग्रामीण इलाकों के शिव मंदिरों में भी भक्तों ने भगवान शिव को जल चढ़ाया। बिरही के वीर भद्रेश्वर मंदिर में भी श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया। पोखरी क्षेत्र के बामेश्वर, रैसू, बसुकेदार, पुष्केश्वर, सलना, किमोठा, तोणजी और नैलेश्वर महादेव मंदिर में भी भीड़ लगी रही। नैलेश्वर महादेव मंदिर में सिदेली और नैल के ग्रामीणों ने भजन-कीर्तन के साथ भंडारे का भी आयोजन किया था।
कर्णप्रयाग में गंगा माता मंदिर, उमा देवी मंदिर, सांकरी शिवालय, थाना स्थित शिवालय, जलेश्वर महादेव सहित सिमली, नौटी, नंदासैंण के शिवालयों में भक्तों की भीड़ लगी रही। आदिबदरी के आकाशमुखी शिवालय में भी भगवान शिव का जलाभिषेक किया गया। ओंकारेश्वर व रविंद्रेश्वर महादेव, नागधार व माधोघाट शिवालय में भी श्रद्धालु दर्शन व जलाभिषेक के लिए पहुंचे। देवाल के नंदकेशरी शिव मंदिर, देवाल शिवालय, तुनूड़ा गांव के शिव मंदिर में नंदकेशरी, कोठी, सरकोट, सेलखोला, धरातल्ला, पूर्णा, कैल, देवसारी, चिड़िगा ग्वालदम सहित गढ़वाल व कुमाऊं से पहुंचे सैकड़ों श्रद्धालुओं ने पूजा अर्चना व जलाभिषेक किया।
14 किमी पैदल चलकर नौलिंग महादेव में किया जलाभिषेक
घाट। सोमवार को घाट क्षेत्र के नौलिंग महादेव मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया। जिला मुख्यालय से 14 किमी की पैदल चढ़ाई चढ़ने के बाद यहां पहुंचा जाता है। नौलिंग महादेव सरपानी और उसतोली के टॉप पर स्थित हैं जिनकी अपनी विशेषता है। इसके अलावा सात चारबाग से सात किमी पैदल चलकर भद्रेश्वर और बिंसर महादेव में भी लोगों ने बड़ी संख्या में पहुंचकर जलाभिषेक किया। संवाद