मुख्यमंत्री की घोषणा के तीन साल बाद भी दस किलोमीटर ग्वाईं-सकंड सड़क का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। जनप्रतिनिधियों ने मामले में जिलाधिकारी हिमांशु खुराना से हस्तक्षेप की मांग उठाई है। कहा गया कि सड़क न होने से ग्रामीणों को अपने गंतव्य तक जाने के लिए आज भी पांच से सात किलोमीटर की पैदल दूरी तय करनी पड़ रही है।
वर्ष 2018 में तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने ग्वाईं-सकंड सड़क निर्माण की घोषणा की थी, लेकिन आज तक सड़क निर्माण शुरू नहीं हो पाया है। नगर पंचायत नंदप्रयाग की अध्यक्ष डा. हिमानी वैष्णव ने जिलाधिकारी से भेंट कर लोनिवि के अधिकारियों को सड़क निर्माण शुरू करवाने की मांग की। लोनिवि के ईई पीसी जोशी ने बताया कि विभाग की ओर से सड़क निर्माण का सर्वेक्षण कार्य किया गया, लेकिन विभाग की ओर से जिस भूमि का सर्वे किया गया। उस पर ग्रामीणों में विवाद हो गया। करीब ढाई साल तक ग्रामीणों के आपसी विवाद के कारण सड़क निर्माण कार्य लटका रहा। अब ग्रामीणों के बीच सहमति बन गई है। भू-वैज्ञानिकों से चयनित भूमि का सर्वेक्षण करवाया गया है। भू-सर्वेक्षण की रिपोर्ट में सड़क के लिए अतिरिक्त भूमि की मांग की गई है, इस पर कार्य चल रहा है।