गोपेश्वर में पत्रकारों से वार्ता करते पहाड़ी आदमी संगठन के सदस्य।
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गैरसैंण स्थायी राजधानी की मांग को लेकर अनशन कर रहे प्रवीण सिंह काशी के समर्थन में पहाड़ी आर्मी आई है। पहाड़ी आर्मी ने कहा कि प्रवीण छह दिनों से आमरण अनशन कर रहे हैं लेकिन शासन-प्रशासन की ओर से अभी तक उनकी सुध लेने के लिए कोई नहीं आया। शायद सरकार बाबा मोहन उत्तराखंडी की तरह उनकी भी मौत का इंतजार कर रही है।
यहां आयोजित पत्रकार वार्ता में पहाड़ी आर्मी के संयोजक हरीश रावत ने कहा कि प्रवीण सिंह काशी पहाड़ी आर्मी के संस्थापक हैं। उन्होंने कहा कि गैरसैंण राजधानी के लिए 23 मार्च 2018 को गैरसैंण में पहले सत्र के दौरान आंदोलनकारियों ने विधानसभा का घेराव किया था, जिसमें 39 लोगों पर मुकदमे किए गए। 38 लोग तो बेल पर बाहर आ गए, लेकिन प्रवीण ने जमानत नहीं कराई। बीते 14 सितंबर को इसी मामले की सुनवाई के बाद उन्हें पुरसाड़ी जेल भेजा गया। जहां उन्होंने 19 सितंबर से अनशन शुरू कर दिया। इसके बाद जेल प्रशासन ने उन्हें गोपेश्वर अस्पताल में भर्ती करा दिया, जहां उनका आमरण अनशन जारी है। कहा कि जब तक उन पर दर्ज मुकदमे वापस नहीं होते और स्थायी राजधानी की मांग पूरी नहीं होती वह आंदोलन जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि एक सितंबर से उनका संगठन जनमत संग्रह करा रहा है। अब तक विभिन्न जगह से वह 25 हजार से अधिक जनमत संग्रह करा चुके हैं, जिनको वह मुख्यमंत्री को सौंपेंगे। कहा कि अब राजधानी के लिए प्रदर्शन, क्रमिक अनशन और चक्का जाम के साथ आंदोलन तेज किया जाएगा। इस दौरान अमित पांडे, हर्षवर्धन जोशी, आयुष कुमार और कमलेश पांडेय आदि उपस्थित रहे।