अब लोगों को वाहनों से तीन के बजाय तय करनी पड़ेगी 27 किमी की दूरी
जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गया था मोटर पुल, हाईवे बंद होने पर इसी से होती है आवाजाही
संवाद न्यूज एजेंसी-
गोपेश्वर। नंदप्रयाग-सैकोट-कोठियालसैंण-चमोली मार्ग पर जीर्णशीर्ण स्थिति में पहुंचे मोटर पुल का सुधारीकरण कार्य लोनिवि ने शुरू कर दिया है। अब पुल से वाहनों की आवाजाही दो माह तक ठप रहेगी। इस दौरान समीपवर्ती गांवों के ग्रामीणों को वाहन से नंदप्रयाग बाजार आने में करीब 27 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ेगी। जबकि यह दूरी पहले तीन किमी थी।
नंदप्रयाग-कोठियालसैंण-चमोली सड़क चारधाम यात्रा का वैकल्पिक मार्ग भी है। बीते वर्षों में बदरीनाथ हाईवे के बाजपुर और मैठाणा में बंद होने से इसी मार्ग से होते हुए चारधाम यात्रा के वाहनों के साथ ही स्थानीय वाहनों की आवाजाही करवाई गई थी। अब यह पुल वाहनों का दबाव नहीं झेल पा रहा था और जगह-जगह से क्षतिग्रस्त होने लगा था। इसे देखते हुए लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड गोपेश्वर ने इसका सुधारीकरण कार्य शुरू कर दिया है। शासन से इसके लिए 35 लाख की धनराशि स्वीकृत हुई है। वहीं लोनिवि के अधिशासी अभियंता राजवीर सिंह चौहान ने बताया कि पुल के सुधारीकरण कार्य में दो माह का समय लगेगा। पुल के निचले हिस्से को मजबूत किया जा रहा है। सुधारीकरण के दौरान पुल से वाहनों की आवाजाही बंद रहेगी। वहीं, क्षेत्र के मासों, देवर, कनेरी, भदूड़ा, डिडोली, दादड़, कपलखेत और देवखाल के ग्रामीणों को अब वाहन से नंदप्रयाग तक पहुंचने के लिए सैकोट, कोठियालसैंण, चमोली बाजार, मैठाणा होते हुए नंदप्रयाग पहुंचना होगा। इसकी दूरी करीब 27 किलोमीटर है। जबकि अभी तक नंदप्रयाग तक पहुंचने में ग्रामीणों को करीब तीन किमी की दूरी तय करनी पड़ती है।
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दो किलोमीटर तक करनी पड़ेगी पैदल आवाजाही
गोपेश्वर। अलकनंदा नदी के दूसरे छोर के गांवों के छात्र-छात्राएं इंटर की पढ़ाई के लिए जीआईसी नंदप्रयाग आते हैं जबकि ग्रामीण बैंकिंग, रसोई गैस, खाद्यान्न व अस्पताल की सुविधा के लिए नंदप्रयाग बाजार पर ही निर्भर हैं। नंदप्रयाग पुल से नंदप्रयाग बाजार की दूरी करीब दो किलोमीटर है। प्रभावित गांवों के ग्रामीण यदि पुल के दूसरे छोर से पैदल ही नंदप्रयाग बाजार तक आएंगे तो उन्हें दो किलोमीटर तक पैदल दूरी नापनी पड़ेगी। वहीं लोनिवि के ईई राजवीर सिंह चौहान ने बताया कि ग्रामीणों और छात्र-छात्राओं के लिए पुल से पैदल आवाजाही की वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी। संवाद