सतोपंत झील का दीदार करने पहुंचे अनिल अंबानी के बेटे अंशुल
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उद्योगपति अनिल अंबानी के बेटे जय अंशुल अंबानी ने दोस्तों के साथ सतोपंथ तक ट्रेकिंग की। उन्होंने एस्किमो एडवेंचर के सहयोग से इस ट्रेकिंग अभियान को चार दिन में पूरा किया। विपरीत परिस्थितियों वाले इस ट्रेक को आमतौर पर पांच से छह दिन में पूरा किया जाता है।
हिमालय के दीदार करने और सतोपंथ ट्रेकिंग का आनंद लेने के लिए अनिल अंबानी के बेटे जय अंशुल अंबानी कुछ दिन पहले यहां पहुंचे थे। एस्किमो एडवेंचर के दिनेश उनियाल ने बताया कि अंबानी के बेटे और उनके दोस्तों का 25 सदस्यीय दल 23 सितंबर को यहां पहुंचा था। सभी ने चार दिन में रविवार को ट्रेकिंग पूरी कर ली। सतोपंथ में हर साल भारी तादात में पर्यटक पहुंचते हैं, लेकिन पिछले दो साल से कोरोना के कारण यहां बहुत कम पर्यटक पहुंचे हैं।
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बदरीनाथ 920 और केदारनाथ में 584 यात्री पहुंचे
बदरीनाथ धाम में धीरे-धीरे तीर्थयात्रियों की संख्या बढ़ने लगी है। सोमवार को 920 तीर्थयात्रियों ने बदरीनाथ धाम के दर्शन किए। तीर्थयात्री धाम में इन दिनों पितृ तर्पण के लिए पहुंच रहे हैं। बदरीनाथ धाम में मौसम सामान्य बना है। सोमवार को धाम में दिनभर धूप खिली रही। वहीं, 566 तीर्थयात्रियों ने हेमकुंड साहिब व लोकपाल लक्ष्मण मंदिर के दर्शन किए। वहीं केदारनाथ में 584 श्रद्धालुओं ने बाबा केदार के दर्शन किए।
बदरीनाथ के धर्माधिकारी ने देवताल में की पूजा-अर्चना
बदरीनाथ धाम के धर्माधिकारी भुवनचंद्र उनियाल ने चीन सीमा से लगे देवताल पहुंचकर पूजा-अर्चना की और देश और दुनिया में शांति की प्रार्थना की। 18 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित देवताल माणा गांव से करीब 52 किमी दूर है। चीन सीमा होने के कारण यहां पहुंचने के लिए प्रशासन से अनुमति लेनी होती है। भुवन चंद्र उनियाल ने बताया कि देवताल का आध्यात्मिक महत्व है। द्वापर युग में यहां भगवान श्रीकृष्ण पहुंचे थे। भारत-तिब्बत व्यापार के समय यहां स्थानीय लोग पूजा अर्चना करते थे।