पीपलकोटी/पोखरी। कैट प्लान के अंतर्गत आयोजित आजीविका एवं क्षमता विकास परियोजना संवर्द्धन कार्यशाला में वन क्षेत्र पीपलकोटी से जुड़े काश्तकारों को वनीकरण के साथ ही आजीविका संवर्द्धन की जानकारी दी गई। रुद्र हिमालय जन जागृति समिति के प्रशिक्षक नीतीश नेगी, अवतार नेगी और शिवांगी ने कहा कि भूस्खलन रोकने के लिए वनीकरण बेहद जरूरी है। जैविक खेती, बागवानी और मौसम आधारित खेती से किसानों की आय दोगुनी हो सकती है। इसलिए जैविक खेती को बढ़ावा दिया जाएगा।
इस दौरान उन्नत बीजों का उपयोग, बाजार और उत्पादन की जानकारी भी दी गई। इस मौके पर बदरीनाथ वन प्रभाग के डीएफओ सर्वेश दुबे के साथ ही कई वन अधिकारी मौजूद रहे। इधर, पोखरी में माइक्रोप्लान वनीकरण को लेकर अलकनंदा भूमि संरक्षण वन प्रभाग और नव ज्योति महिला कल्याण संस्थान की ओर से वन पंचायतों के साथ बैठक की गई। नव ज्योति के सचिव महानंद बिष्ट ने कहा कि भूस्खलन रोकने के लिए वनीकरण जरूरी है। इस मौके पर वन दरोगा जयवीर टम्टा, वन आरक्षी अमित भंडारी, महड़ की सरपंच शकुंतला देवी, किमोठा की सरपंच सपना देवी आदि मौजूद रहे। संवाद