जिला अस्पताल में बुधवार को एक महिला के पेट से सात किलोग्राम का ट्यूमर ऑपरेशन कर निकाला गया। महिला ऑपरेशन के बाद स्वस्थ है। चमोली जिले में इस तरह का यह पहला ऑपरेशन है। लंबे समय से चिकित्सकों की कमी से जूझ रहे जिला अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती होने से मरीजों को ऑपरेशन और महिलाओं को प्रसव के लिए श्रीनगर व दूसरे जिलों के अस्पतालों के चक्कर नहीं काटने पड़ रहे हैं।
गोपेश्वर जिला अस्पताल में सर्जन डा. ललित पुनेठा की तैनाती हुई है, जबकि डा. पुनेठा की बेटी महिला रोग विशेषज्ञ डा. दिव्या पुनेठा भी जिला अस्पताल में सेवाएं दे रही हैं। इसके अलावा चार अन्य विशेषज्ञ चिकित्सकों की भी यहां तैनाती हो गई है, जिसका असर स्वास्थ्य सेवाओं पर दिखने लग गया है। कुछ दिनों पहले पेट दर्द से कराह रही पीपलकोटी के नौरख गांव की 54 वर्षीय पुष्पा देवी को परिजनों ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जब उसका अल्ट्रासाउंड कराया गया तो डा. पुनेठा को उसके पेट में ट्यूमर होने का पता चला। एक सप्ताह तक प्राथमिक इलाज करने के बाद बुधवार को डा. पुनेठा की टीम ने महिला का ऑपरेशन कर उसके पेट से 7 किग्रा का ट्यूमर निकाल दिया।
सीएमएस ने खुद संभाला अल्ट्रासाउंड का जिम्मा
जिला अस्पताल में तैनात सीएमएस डा. जीएस राणा वरिष्ठ रेडियोलॉजिस्ट हैं। अस्पताल में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने के लिए सीएमएस डा. राणा ने खुद अल्ट्रासाउंड करने का जिम्मा संभाला है। अब मरीजों को अल्ट्रासाउंड के लिए प्राइवेट लैब में नहीं जाना पड़ रहा है।