सहस्त्रधारा रोड पर मनमाने ढंग से अवैध निर्माण के मामले में बिल्डर के खिलाफ जांच एसआईटी को सौंपी गई है। एसआईटी स्थलीय निरीक्षण करने के बाद जल्द रिपोर्ट देगी। डीजीपी ने इस मामले में आईजी को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। सहस्त्रधारा रोड डांडा लखोंड में अवैध निर्माण का यह मामला काफी समय से गरमाया हुआ है।
स्थानीय स्तर पर विरोध के स्वर उठने के बाद भी संबंधित विभागों की नींद नहीं टूटी। आरोप है कि बिल्डर ने अधिकारियों से सांठगांठ कर नियमविरुद्ध बहुमंजिला इमारत खड़ी की है।
आरोप है कि बिल्डर ने कृषि भूमि को खुर्दबुर्द किया है। एमडीडीए और दूसरे विभाग शिकायत के बावजूद मामले में उचित कार्रवाई नहीं कर रहे थे, जिसके बाद पीड़ित ने डीजीपी का दरवाजा खटखटाया।
अवैध निर्माण को रुकवाने की मांग
दिए गए प्रार्थना पत्र में राजीव दत्ता आदि ने बताया कि सहस्त्रधारा रोड पर एक बिल्डर द्वारा बहुमंजिला आवासीय इमारत का निर्माण किया जा रहा है।
परियोजना का नक्शा तथ्य छिपाकर स्वीकृत कराया गया है। यह निजी संपत्ति है, जिसका वाद विचाराधीन है। मानचित्र को निरस्त करने के साथ अवैध निर्माण को रुकवाने की मांग की गई है।
आरोप है कि प्राधिकरण के कुछ कर्मचारियों ने सरकारी खर्च पर ही निजी भूमि पर सड़क बना कर बिल्डर को लाभ पहुंचाया है। पूरा निर्माण मानचित्र के अनुरूप नहीं है। अब एसआईटी इन सब आरोपों की जांच करेगी।
एसआईटी प्रभारी को मौके पर जाकर पूरी रिपोर्ट तैयार करने के लिए कहा गया है। जांच में यह बिंदु भी मुख्यत: रहेगा कि इस अवैध निर्माण में किस स्तर के अधिकारी तक की मिलीभगत रही है।