घोड़ा प्रकरण में मसूरी से भाजपा विधायक गणेश जोशी की गिरफ्तारी के बाद सचिवालय कूच का ऐलान करने वाले भाजपा कार्यकर्ता फजीहत करवाकर लौट गए। विरोध प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ता आपस में उलझकर रह गए। बाद में कार्यकर्ता रणनीति बनाने की बात कहते हुए चले गए।
शुक्रवार को विधायक गणेश जोशी की गिरफ्तारी और न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की सूचना के बाद भाजपा कार्यकर्ता भड़क गए। एसएसपी कार्यालय में प्रदर्शन कर कार्यकर्ताओं ने विधानसभा कूच का ऐलान किया।
बैरियर से आगे नहीं निकल पाए बीजेपी कार्यकर्ता:
कूच की खबर मिलते ही पुलिस सक्रिय हो गई और रिस्पना पुल के पास बैरियर को पूरी तरह कवर कर लिया। साथ ही नेहरू कॉलोनी तिराहे पर बैरिकेडिंग कर पुलिसकर्मियों को तैनात कर दिया।
इस बीच करीब सौ भाजपा कार्यकर्ता पहुंचे, लेकिन वह बैरियर से आगे निकलने की हिम्मत नहीं जुटा पाए। बाद में वह नेहरू कालोनी तिराहे पर धरने पर बैठ गए। थोड़े समय बाद कुछ कार्यकर्ता वापस महानगर कार्यालय जाने की बात कहते हुए उठ गए।
इस पर अन्य कार्यकर्ताओं ने विरोध जताया। इसको लेकर कार्यकर्ता सड़क पर आपस में उलझने लगे। आधे कार्यकर्ता धरना देने और आधे कार्यकर्ता लौटने की बात कहने लगे।
गणेश जोशी की बेटी नेहा ने कार्यकर्ताओं के बीच पहुंचकर उन्हें शांत कराया और एकजुट होकर लड़ाई लड़ने का आह्वान किया। इसके बाद कार्यकर्ता लौट गए।
लोगों को झेलनी पड़ी परेशानी:
भाजपाइयों की रैली में भीड़ की संभावना को देखते हुए पुलिस ने पहले ही ट्रैफिक रोक दिया। साथ ही प्रगति विहार वाली गली भी बंद कर दी।
यही नहीं, लोगों को गली से पैदल तक नहीं जाने दिया गया। नेहरू कालोनी तिराहे से पैदल आने वाले लोगों को भी पुलिसकर्मियों ने लौटा दिया। भाजपाइयों के तिराहे पर धरना देने से लोगों को परेशानी हुई।