भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के कांग्रेस के बागी विधायकों को लगाम से पकड़ने संबंधी पोस्टर लगाए जाने पर भाजपा ने पुलिस में तहरीर देकर इस लड़ाई को बढ़ाने के संकेत दे दिए हैं।
शहर में ऐसे कई पोस्टर लगाए जाने की सूचना के बाद प्रदेश हाईकमान से सलाह मशविरे के बाद भाजपाइयों ने शनिवार देर शाम धारा चौकी पहुंचकर इसकी शुरूआत भी कर दी है। भाजपा ने तर्क दिया है कि हाईकोर्ट में तत्कालीन सरकार के मुख्यमंत्री, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष, असंतुष्ट विधायकों आदि ने याचिकाएं दाखिल की हैं।
हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान यह भी टिप्पणी की थी कि अगर कोई सरकार बनाएगा तो हाईकोर्ट को सूचित करना होगा। प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगा हुआ है। ऐसे में इस तरह के पोस्टर लगना और भी गंभीर मसला है।
कांग्रेस फैला रही शत्रुता, घृणा और वैमनस्य
भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, उनके सलाहकारों सुरेंद्र अग्रवाल, जसबीर रावत, राजीव जैन, रणजीत रावत आदि द्वारा भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष को मोहरा बनाकर झूठी सूचनाओं से विभिन्न वर्गों में शत्रुता, घृणा और वैमनस्य फैलायी जा रही है।
भाजपा अब इस मुद्दे को जोर शोर से उठाकर कानून और जनता की शरण में जाने के लिए हाईकमान के इशारे का इंतजार कर रही है। धारा चौकी पहुंचने वालों में प्रदेश उपाध्यक्ष ज्योति प्रसाद गैरोला, प्रदेश प्रवक्ता मुन्ना सिंह चौहान, महानगर अध्यक्ष उमेश अग्रवाल, अमर स्वेडिया, संदीप मुखर्जी, रमेश वाल्मीकि, विनोद महार, गोपाल पुरी, नीतू वाल्मीकि, बबीता सहोत्रा, कंचन ठाकुर आदि शामिल रहे।