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कर्मी के लोगों ने कलक्ट्रेट में लगाया इंटरनेट नहीं तो वोट नहीं का नारा

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बागेश्वर कलक्ट्रेट में प्रदर्शन करते कर्मी के लोग। संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : BAGESHWAR
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बागेश्वर। फोर जी मोबाइल सेवा और ऑप्टिकल फाइबर ब्राडबैंड सेवा की मांग को लेकर कर्मी के ग्रामीणों ने जिलाधिकारी कार्यालय में प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने एक महीने के भीतर सुविधा नहीं मिलने पर 26 सितंबर से जिला मुख्यालय में क्रमिक अनशन करने का एलान किया। आगामी विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करने की भी चेतावनी दी।
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कपकोट विकास खंड के दूरस्थ गांव कर्मी में अब तक मोबाइल फोर जी सेवा नहीं है। गांव में लगे बीएसएनएल के मोबाइल टावर से केवल टूजी सेवा प्रदान की जाती है। महीने के अधिकांश दिनों में टावर ठप रहता है। इससे लोग मोबाइल पर बात भी नहीं कर पाते। संचार सेवा दुरुस्त होने से गांव की करीब ढाई हजार की आबादी को परेेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने पिछले महीने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर समस्या बताई थी, लेकिन प्रशासन ने कोई संज्ञान नहीं लिया। जिससे आक्रोशित ग्रामीणों ने सोमवार को जिला कार्यालय के बाहर शासन और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
डीएम को ज्ञापन देकर एक महीने के भीतर गांव को फोर जी इंटरनेट सेवा से जोड़ने की मांग की। ग्रामीणों ने कहा कि अगर नियत समय तक उनकी समस्या का निदान नहीं हुआ तो उन्हें आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा। इस मौके पर गोकुल सिंह देव, नारायण सिंह कर्म्याल, गंगा सिंह, कुंवर सिंह, गोपाल सिंह, महिपाल सिंह, लोकपाल सिंह आदि मौजूद रहे।
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बागेश्वर जिले कर्मी, लीती, खाती क्षेत्र में काम नहीं करता फोर जी नेटवर्क
बागेश्वर। जिले के कपकोट क्षेत्र के कई गांवों में फोर जी नेटवर्क काम नहीं करता है। कपकोट के कर्मी, लीती, गोगिना, खातीगांव में फोरजी नेटवर्क काम नहीं करता है। इन इलाकों में बीएसएनएल की टूजी सेवा काम करती है। लीती में दो साल पहले जियो का टॉवर लग गया था लेकिन अब तक चालू नहीं किया गया है। लीती और खातीगांव में बीएसएनएल की सेवा कभी-कभार ही काम करती है। शेष जिले में बीएसएनएल, एयरटेल, आईडिया और जियो की फोरजी सेवा काम करती है। (संवाद)
अल्मोड़ा में 87 गांवों में नहीं है मोबाइल के नेटवर्क
अल्मोड़ा। जिले में वर्तमान में करीब 87 ऐसे गांव हैं जहां आज तक आधुनिक युग में मोबाइल संचार सेवाएं संचालित नहीं हैं। बीएसएनएल अल्मोड़ा के जेटीओ सुरेश चंद्रा ने बताया कि जिले में करीब 87 गांवों को चिन्हित किया गया है, जहां कोई से भी नेटवर्क उपलब्ध नहीं है। इसके अलावा करीब 400 गांवों में 3-जी सेवा नहीं है। (संवाद)
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