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नाट्य कला से शिक्षण कार्य सीखेंगे डीएलएड प्रशिक्षु

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बागेश्वर के डायट में थियेटर इन एजुकेशन कार्यशाला का शुभारंभ करते प्रसिद्ध रंगकर्मी जहूर आलम। वि - फोटो : BAGESHWAR
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बागेश्वर। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में पांच दिवसीय थिएटर इन एजुकेशन कार्यशाला का शुभारंभ हो गया है। इसमें कुमाऊं के प्रसिद्ध रंगकर्मी डीएलएड प्रशिक्षुओं को नाट्य कला के माध्यम से शिक्षण की बारीकियां सीख रहे हैं। उन्हें शिक्षण में थिएटर का महत्व बताया जा रहा है।
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प्रसिद्ध रंगकर्मी जहूर आलम और डायट के प्राचार्य डॉ. शैलेंद्र सिंह धपोला ने बुुधवार को कार्यक्रम का शुभारंभ किया। जहूर ने कहा कि नाट्यकला अभिव्यक्ति का सशक्त माध्यम है। प्राचार्य धपोला ने शिक्षा में थिएटर की महत्ता बताई। कहा कि नाट्य कला से सीखने और सिखाने की विधा को कक्षा कक्ष तक ले जाना चाहिए। नाटक के माध्यम से शिक्षण कार्य रोचक होगा। बच्चों को संबंधित विषय समझाने में भी आसानी होगी। कार्यक्रम समन्वयक डॉ. प्रेम मावड़ी ने कहा कि थिएटर जीवन कला के साथ सजीवता और मानवता से जुड़ी विधा है। यह जीवन के विविध रंगों को मंच पर प्रस्तुत कर सकती है। थिएटर में सभी कलाओं और कौशल का समावेश होता है। इस विधा से प्रशिक्षण देने का उद्देश्य प्रशिक्षकों को बच्चों में गहरे भाव और विचारों की अभिव्यक्ति पहुंचाना है। कहा कि नाट्य कला के माध्यम से शिक्षण बच्चों को असीम ऊर्जा का उपयोग सही दिशा में कर उनके व्यक्तित्व में संतुलन लाने में सहायक होगा। जीवन के विविध रंगों को समझने पर ही छात्र-छात्राएं आगे चलकर आदर्श समाज के निर्माण में योगदान कर सकेेंगे। इस मौके पर डॉ. राजीव जोशी, डॉ. दयासागर, डॉ. चंद्रमोहन जोशी, रवि कुमार जोशी, कैलाश प्रकाश चंदोला, डॉ. केएस रावत, डॉ. संजय गुरुरानी, संदीप जोशी आदि रहे।
आज से प्रशिक्षण देंगे रंगकर्मी
बागेश्वर। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण सभागार में चल रही कार्यशाला में बृहस्पतिवार से नैनीताल से आए प्रसिद्ध रंगकर्मी राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त जहूर आलम, प्रसिद्ध उद्घोषक हेमंत बिष्ट, मनोज कुमार, संजय कुमार, नवीन बेगाना डीएलएड प्रशिक्षुओं को नाट्य कला के माध्यम से शिक्षण कार्य का प्रशिक्षण देंगे। कार्यक्रम समन्वयक डॉ. प्रेम मावड़ी ने बताया कि पांचों रंगकर्मी कार्यशाला में पहुंच गए हैं। प्रशिक्षु भी नाट्य कला के माध्यम से प्रशिक्षण लेने के लिए बेहद उत्साहित हैं।
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