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जल संस्थान कर्मियों का अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार, पानी के लिए मचा हाहाकार

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गवाड़ गांव में जल स्रोतों से पानी ढोते ग्रामीण। संवाद - फोटो : RANIKHET
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बागेश्वर। पांच सूत्री मांगों के लिए जल संस्थान के संविदा श्रमिकों के बेमियादी हड़ताल पर जाने से जिले में पेयजल वितरण की व्यवस्था चरमरा गई है। नगर की सात योजनाओं समेत सभी तहसीलों में पेयजल वितरण का संकट खड़ा हो गया है। कर्मचारियों ने मांग पूरी होने तक आंदोलन पर रहने की चेतावनी दी है।
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जल संस्थान में कार्यरत संविदा श्रमिकों के पास ग्रेविटी और पंपिंग योजनाओं की देखरेख और पेयजल वितरण की जिम्मेदारी है। जिले में संविदा श्रमिक संघ के 120 कर्मचारी कार्यरत हैं। पांच सूत्री मांगों के लिए कर्मचारी बुधवार रात से बेमियादी आंदोलन पर चले गए हैं। बृहस्पतिवार को संविदा कर्मचारियों ने जल संस्थान कार्यालय परिसर में धरना देकर विभाग और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
संघ के शाखा मंत्री नवीन चंद्र पांडेय ने कहा कि लंबे समय से कर्मचारी अपनी मांगों के लिए प्रदर्शन करते आ रहे हैं लेकिन उनकी समस्याओं की अनदेखी की जा रही है। प्रदेश संघ के आह्वान पर पूूर्ण कार्य बहिष्कार किया जा रहा है। वहां पर नंदन प्रसाद, पूरन सिंह, लाल सिंह, जियाउल हक, गणेश राम, संजय परिहार आदि थे।
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इन मांगों के लिए चल रहा है आंदोलन
बागेश्वर। जल संस्थान के संविदा श्रमिक 20-25 वर्ष से आउटसोर्स और ठेकेदारी प्रथा के तहत काम कर रहे कर्मचारियों को वरिष्ठता के आधार पर विभाग में नियमित नियुक्ति देने, सभी आउटसोर्स और ठेकेदारी प्रथा के कर्मचारियों को समान कार्य का समान वेतन देने, सरकार से जारी शासनादेश के तहत विभागीय संविदा या उपनल के माध्यम से नियुक्त करने, विभाग में कार्यरत सभी आउटसोर्स कर्मचारियों को साप्ताहिक अवकाश या अतिरिक्त कार्य का अतिरिक्त भुगतान करने और महंगाई के सापेक्ष न्यूनतम मजदूरी बढ़ाकर 23 से 25 हजार रुपये करने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।
करीब एक लाख लोग झेल रहे पेयजल संकट
बागेश्वर। जल संस्थान कर्मचारियों की हड़ताल से जिले के करीब एक लाख की आबादी को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। हड़ताल के बाद नगर के कठायतबाड़ा, कलक्ट्रेट पंपिंग योजना, आईवैल, अमसरकोट, जखेड़ा, शीशाखानी, मंडलसेरा आदि पेयजल योजनाओं का संचालन बाधित हो गया है।
कपकोट की नगरीय पेजयल योजना, भराड़ी की ग्रेविटी योजना, गरुड़ की ग्रेविटी और अन्य योजनाएं, कौसानी की पंपिंग योजना, कांडा तहसील क्षेत्र में बनी योजनाएं, खरही और धूराफाट क्षेत्र के लिए बनी पंपिंग योजनाएं, दुग नाकुरी तहसील में बनी ग्रेविटी योजनाओं से पेयजल वितरण प्रभावित हुआ है। हड़ताल के चलते नगर के कठायतबाड़ा, ठाकुरद्वारा, तहसील मार्ग, नदीगांव, बाजार क्षेत्र, मंडलसेरा, चौरासी आदि क्षेत्रों में लोगों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ा।
नगर में ग्रेविटी योजना से वितरण और पंपिंग योजनाओं के संचालन के लिए आठ कर्मचारी नियुक्त किए गए हैं। कपकोट और गरुड़ में सेवानिवृत कर्मचारियों की सेवा ली जा रही है। नगर के लिए आठ कर्मचारी और नियुक्त करने की कोशिश की जा रही है। विभाग उपभोक्ताओं को पेयजल किल्लत से बचाने का हरसंभव प्रयास कर रहा है।
सीएस देवड़ी, प्रभारी ईई, जल संस्थान बागेश्वर
रानीखेत में सिर पर पानी ढोने का मजबूर लोग
रानीखेत/द्वाराहाट। उत्तराखंड जल संस्थान के संविदा श्रमिक संघ से जुड़े संविदा कर्मचारियों ने जल संस्थान कार्यालय चिलियानौला में प्रदर्शन किया। संविदा कर्मियों के हड़ताल पर चले जाने से क्षेत्र में कई योजनाओं में वितरण कार्य प्रभावित होने लगा है। रानीखेत में प्रदर्शन में हरी सिंह नेगी, जीवन सिंह, प्रेम सिंह, संतोष कुमार, हेमंत कुमार, वीरेंद्र बोरा, शेखर चंद्र, रतन राम, दीप चंद्र लोहनी, आनंद आदि थे। वहीं, द्वाराहाट में रामगंगा व कमलघाट पंपिंग पेयजल योजनाएं ठप हो गई हैं। द्वाराहाट इकाई के संविदा कर्मचारियों ने उत्तराखंड जल संस्थान कार्यालय में धरना दिया। संविदा श्रमिक संघ द्वाराहाट इकाई अध्यक्ष नरेंद्र सिंह, सचिव दिनेश आर्या सहित विकासखंड के लगभग 35 संविदा कर्मी कार्य बहिष्कार पर रहे। रामगंगा पेयजल प्रभावित होने से गवाड़ में पानी का संकट गहरा गया है।
आउटसोर्स श्रमिकों के हड़ताल पर जाने से पेयजल व्यवस्था चरमराई
अल्मोड़ा। जल संस्थान में आउट सोर्सिंग से कार्यरत श्रमिकों के बुधवार रात 12 बजे से कार्य बहिष्कार पर चले जाने से अल्मोड़ा नगर समेत ग्रामीण इलाकों में पेयजल व्यवस्था पटरी से उतर गई है। नगर के कई मोहल्लों में पानी की आपूर्ति नहीं हुई। वहीं ग्रामीण इलाकों में पेयजल व्यवस्था चरमरा गई है। जल्द यह कार्मिक काम पर नहीं लौटे तो जनता की दिक्कतें और बढ़ेंगी।
जल संस्थान की जिले में पांच नगरीय और 632 ग्रामीण पेयजल योजानाएं हैं। इन योजनाओं के संचालन और अन्य कार्यों के लिए आउटसोर्स से 364 श्रमिक तैनात हैं। यह श्रमिक विभाग में पंप आपरेटर, लाइन मैन, चौकीदार, लिपिक आदि पदों पर कार्य कर रहे हैं। जबकि जल संस्थान के पास 147 नियमित स्टाफ है। अधिकतर स्थानों पर पंप हाउसों समेत नगर और ग्रामीण इलाकों में पेयजल वितरण की व्यवस्था इन श्रमिकों के जिम्मे है।बुधवार रात से आउट सोर्स श्रमिक अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार पर चले गए है। जिस कारण अल्मोड़ा शहर समेत जिले में अधिकांश इलाकों में पेयजल आपूर्ति चरमरा गई है। अल्मोड़ा नगर में ही सुबह के समय कई स्थानों पर पानी सप्लाई नहीं हो सका। होटल और रेस्टोरेंट मालिक भुगतान कर टैंकर मंगा रहे हैं। यदि हड़ताल जल्द समाप्त नहीं हुई तो पेयजल संकट और अधिक गहराने के आसार हैं।
हड़ताली श्रमिकों ने दिया गांधी पार्क में धरना
अल्मोड़ा। जिला मुख्यालय में हड़ताली श्रमिक गांधी पार्क में एकत्र हुए और धरना दिया। मांगों के समर्थन में नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि महाप्रबंधक कार्यालय भीमताल में आंदोलन चल रहा है। क्रमिक अनशन भी शुरू किया गया है पर उनकी मांगों पर शासन गौर नहीं कर रहा है। वे दो से ढाई दशक से अधिक समय से विभाग में सेवाएं दे रहे हैं। कई श्रमिक सरकारी सेवा की आयु भी पार कर चुके हैं। उन्हें मात्र 7800 रुपये मानदेय मिल रहा है। महंगाई चरम पर है ऐसे में उन्हें परिवार के पालन पोषण में काफी दिक्कतें से जूझना पड़ रहा है। अध्यक्षता शाखा अध्यक्ष राजेंद्र अधिकारी और संचालन सचिव महेंद्र मेर ने किया। वहां पर देवेंद्र जोशी, प्रताप बिष्ट, बंटी, संजय कार्की, भूपाल कनवाल, संतोष कनवाल, दीपक, अर्जुन, बचे सिंह आदि थे।
पंप हाउसों से पेयजल आपूर्ति सुचारू रूप से वितरण टैंकों को की जा रही है। अल्मोड़ा नगर और लगे इलाकों में शाम को पानी सप्लाई किया जाएगा। विभाग के नियमित कार्मिकों, अवर अभियंताओं और सहायक अभियंताओं की ड्यूटी लगाई गई है। पेयजल निगम यांत्रिक शाखा से चार पंप आपरेटरों की ड्यूटी भी पंप हाउसों में लगाई जा रही है।
- केएस खाती, ईई, जल संस्थान अल्मोड़ा।
भिकियासैंण में भी कार्य बहिष्कार
भिकियासैंण। रानीखेत डिवीजन के अंतर्गत भिकियासैंण इकाई के जल संस्थान संविदा श्रमिकों ने बृहस्पतिवार सुबह जल संस्थान कार्यालय में सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। हड़ताल पर जाने से भिकियासैंण एकल पंपिग योजना, रामगंगा-भौनादेवी पंपिग योजना,नौला-कमराड़ पंपिग योजना, मोहनरी पंपिग योजनाओं सहित आधे दर्जन से अधिक ग्रेविटी योजनाओं पर असर दिखाई देना शुरू हो गया है। वहां पर रानीखेत डीविजन अध्यक्ष केवलानंद मठपाल, राजे सिंह, हंसादत्त पांडेय, कमल सिंह, अमर सिंह, बचे सिंह, हुकम सिंह आदि थे। इधर, क्षेत्र में दो स्थायी कर्मचारियों श्याम सिंह और दीपक मठपाल के भरोसे चार पंपिग योजनाओं से वितरण की जिम्मेदारी है। भिकियासैंण एकल पंपिग योजना पर एक कर्मचारी पंपिग कर रहा है जबकि दूसरा वितरण व्यवस्था देख रहा है फिर भी भिकियासैंण नगर पंचायत के आधे हिस्से में ही पानी की आपूर्ति हो पा रही है, जबकि रामगंगा-भवानीदेवी, मोहनरी, नौला-कमराड़ पंपिग योजना बुधवार मध्यरात्रि से बंद चल रहे हैं।

रानीखेत जल संस्थान कार्यालय पर नारेबाजी करते आंदोलनरत संविदा कर्मी। संवाद- फोटो : RANIKHET

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