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भो दीनबंधु दया सिंधू जगत के पालनहारा...

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बागेश्वर के धरमघर में रामलीला के दौरान मंत्री सुमंत से संवाद करते राजा दशरथ। विज्ञप्ति - फोटो : BAGESHWAR
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धरमघर/कांडा (बागेश्वर)। धरमघर और कांडा में रामलीला शुरू हो गई है। पहले दिन नटी-सूत्रधार नाटक, पुत्रेष्टि यज्ञ, रामजन्म की लीला का मंचन किया गया।
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धरमघर की रामलीला में संतान न होने दुखी राजा दशरथ को कुलगुरु वशिष्ठ पुत्रेष्टि यज्ञ करवाने की सलाह देते हैं। राजा दशरथ ऋषि वशिष्ठ के हाथों पुत्रेष्टि यज्ञ संपन्न करवाते हैं। ऋषि वशिष्ठ तीनों रानियों को यज्ञ से प्राप्त फल देते हैं। आपस में बांटकर खाने के लिए कहते हैं। राम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न का जन्म होता है। इससे पूर्व नटी-सूत्रधार रामलीला मंचन नाटर की पटकथा सामने रखते हैं।
देवगणों ने राक्षसों के आतंक से मुक्ति दिलाने के लिए भगवान विष्णु से अवतार लेने की प्रार्थना की। रावण, कुंभकर्ण, विभीषण ने भगवान शिव की आराधना की। सामाजिक कार्यकर्ता मनोज कुमार सानी, दुग्ध संघ के पूर्व अध्यक्ष विनोद कार्की ने रामलीला का शुभारंभ किया। रामलीला कमेटी के अध्यक्ष अध्यक्ष मनोहर पंचपाल, वक्ता मैनेजर केदार महर, व्यवस्थापक गोकुल पंचपाल, गंगा सिंह पांगती, परसी लाल वर्मा, माया दत्त जोशी ने सहयोग के लिए सभी का आभार जताया।
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इधर, कांडा की रामलीला में भी पहले दिन रामजन्म तक की लीला का मंचन किया गया। रामलीला का उद्घाटन कपकोट के विधायक बलवंत सिंह भौर्याल ने किया। रामलीला कमेटी के अध्यक्ष गुसाईं सिंह धपोला, कमेटी व्यवस्थापक दरवान सिंह धपोला, वीरेंद्र नगरकोटी, रवि पांडे, गौरव पंत, जितेंद्र लाल वर्मा, किशोरी लाल वर्मा ने आभार जताया।
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