बागेश्वर। केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना का विरोध शुरू हो गया है। जिले के युवाओं ने डीएम कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। आर्मी भर्ती परीक्षा निरस्त करने पर भी नाराजगी जताई। युवाओं ने रक्षामंत्री को ज्ञापन भेजकर आर्मी परीक्षा जल्द करवाने और अग्निपथ योजना को वापस लेने की मांग की।
बृहस्पतिवार को जिले भर के युवाओं ने डीएम कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करते हुए कहा कि सरकार ने अग्निपथ योजना को लाकर युवाओं के भविष्य को अंधकारमय करने का कार्य किया है। जिस उम्र में युवाओं को रोजगार करना चाहिए, इस योजना के तहत उस उम्र में युवाओं को घर भेज दिया जाएगा। कहा कि इस योजना से सेना की साख पर भी असर पड़ेगा। युवाओं ने कहा कि दो वर्ष पूर्व सेना की फिजिकल और मेडिकल की परीक्षा के बाद युवा परीक्षा का इंतजार कर रहे थे। अब सरकार ने नई योजना लाकर उस परीक्षा को निरस्त कर दिया है। कहा कि सरकार युवाओं के साथ खिलवाड़ कर रही है, जिसे किसी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। युवाओं ने जल्द लिखित परीक्षा कराने और अग्निपथ योजना को वापस नहीं लिए जाने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी है। वहां पर प्रकाश वाच्छमी, सागर, चेतन, सोनू, सचिन, रवि, पंकज, भास्कर, विक्रम, हर्ष आदि मौजूद रहे।
‘चार साल बाद हमारा भविष्य क्या होगा इसकी चिंता किसी को नहीं’
अल्मोड़ा। भारतीय सेना के तीनों अंगों में युवाओं की भर्ती के लिए केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना से युवा नाखुश हैं। युवाओं ने इस योजना को झुनझुना करार दिया। उन्होंने कहा कि योजना युवाओं को आकर्षित तो कर रही है लेकिन चार साल बाद हमारा भविष्य क्या होगा इसकी चिंता ज्यादा है। योजना के तहत पेंशन, ग्रेच्युटी नहीं दी जा रही है जिससे युवाओं को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि अल्मोड़ा जिला सैनिक बहुल है। आज भी युवा सेना में भर्ती होने के लिए कड़ा परिश्रम करते हैं। सेना की इस भर्ती योजना के तहत संविदा के तहत अल्पकालिक सेवा अवधि के लिए जवानों की भर्ती होगी। अग्निवीर ग्रेच्युटी और पेंशन के अधिकारी नहीं होंगे। अग्निपथ योजना युवाओं को आकर्षित तो कर रही है पर मन में ये भी चिंता है कि चार साल के बाद फिर युवाओं का भविष्य क्या रहेगा। युवाओं ने सवाल उठाए हैं कि हर चार साल बाद जिन 40 हजार युवाओं को सेना से मुक्त कर दिया जाएगा क्या उन सभी युवाओं को नौकरी मिलेगी। उन्होंने कहा कि अल्प अवधि की संविदा के आधार पर नौकरी पाए इन जवानों को नियमित सेना से अलग नहीं माना जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि दो वर्ष पूर्व सेना की फिजिकल और मेडिकल की परीक्षा के बाद युवा परीक्षा का इंतजार कर रहे थे लेकिन अब सरकार ने अग्निपथ योजना लाकर युवाओं के सपनों को चूर कर दिया है। इस योजना के शुरू करने से पहले सरकार को परीक्षा करानी चाहिए थीं।