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बागेश्वर नगर को मांग के सापेक्ष 2.50 एमएलडी कम मिल रहा पानी

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बागेश्वर के तहसील रोड स्थित हैंडपंप से पानी भरते लोग। - फोटो : BAGESHWAR
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बागेश्वर। दो-दो नदियां होने के बावजूद बागेश्वर नगर को पेयजल संकट से निजात नहीं मिल रही है। पालिका क्षेत्र में उपभोक्ताओं को मांग के सापेक्ष 2.50 एमएलडी (मिलियन लीटर पर डे) कम पानी मिल रहा है। मंडलसेरा और ज्वाला देवी वार्ड में सबसे अधिक पेजयल संकट है। मंडलसेरा में बन रही नई योजना का निर्माण कार्य के पूरा होने से पेयजल संकट दूर होने की उम्मीद है लेकिन योजना का निर्माण फिलहाल अधर में लटका है। इसके चलते फिलहाल जल्द जल संकट से निजात मिलने की उम्मीद नहीं दिख रही है।
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पालिका क्षेत्र के 11 वार्डों में पानी की अलग-अलग योजनाएं बनी हैं। सबसे पुरानी जखेड़ा पेयजल योजना से आधे नगर को पानी की सप्लाई की जाती थी, लेकिन यह योजना अब जर्जर हो चुकी है। कठायतबाड़ा पपिंग योजना से वर्तमान में नगर के कुछ इलाकों में पानी की आपूर्ति की जा रही है। अमसरकोट योजना से ज्वालादेवी और सैम मंदिर वार्ड में पानी की आपूर्ति की जाती है। मंडलसेरा के लिए छोटी-छोटी योजनाओं से पानी उपलब्ध कराया जा रहा है, लेकिन वह वार्ड के लिए नाकाफी है।
मंडलसेरा में .97 और ज्वालादेवी वार्ड में .31 एमएलडी कम मिलता है पानी
बागेश्वर। जल संस्थान से मिली जानकारी के अनुसार नगर में रोजाना 5.52 एमएलडी पानी की जरूरत होती है। जिसके सापेक्ष 3.02 एमएलडी ही पानी मिल रहा है। सबसे अधिक पेयजल संकट मंडलसेरा उत्तरी और दक्षिणी वार्ड में है। दोनों वार्डों में रोजाना 1.22 एमएलडी पानी की जरुरत पड़ती है। जिसके सापेक्ष केवल .28 एमएलडी पानी ही मुहैया हो रहा है। ज्वालादेवी वार्ड में भी .41 एमएलडी मांग के सापेक्ष .10 एमएलडी पानी की ही आपूर्ति हो रही है।
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मंडलसेरा योजना के निर्माण में अभी और लगेगा समय
बागेश्वर। मंडलसेरा में 11.21 करोड़ बन रही पंपिंग पेयजल योजना वन हस्तांतरण में अटकी है। कार्यदायी संस्था पेयजल निगम के अधिशासी अभियंता विपिन कुमार रवि ने बताया कि पेजयल योजना का 80 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो गया है। पानी को साफ करने के लिए लीसा डिपो के पास एक ट्रीटमेंट प्लांट बनना है। जिसके निर्माण में वन विभाग के 20-25 पेड़ों का कटान होना है। इसकी फाइल डीएफओ से पास कराने के बाद कंजरवेटर तक पहुंचा दी गई है। फाइल क्लीयर होने में एक से डेढ़ महीने का समय लग सकता है। पेयजल योजना के निर्माण के लिए लागत के सापेक्ष शासन से सात करोड़ का बजट मिल चुका है। ट्रीटमेंट प्लांट निर्माण के बाद एक बड़ा टैंक बनाया जाएगा। जिसके माध्यम से उपभोक्ताओं को साफ पानी की सप्लाई की जाएगी।
पालिका क्षेत्र में मांग के अनुरूप पानी की किल्लत बनी हुई है। विभाग अधिक किल्लत वाले स्थानों पर टैंकर आदि के माध्यम से पानी की सप्लाई करता है। मंडलसेरा पेयजल योजना का जल्द निर्माण पूरा हो तो, नगर में पेयजल संकट दूर हो जाएगा।
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सीएस देवड़ी, एई, जल संस्थान, बागेश्वर
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