बागेश्वर। मुख्यमंत्री की घोषणा के तहत नगर में बन रहे दोमंजिला पार्किंग के निर्माण में बजट की कमी आड़े आ गई है। दो करोड़ 12 लाख रुपये की लागत की पार्किंग के लिए सरकार से केवल 50 लाख रुपये मिले हैं। समय पर बजट नहीं मिला तो पार्किंग का काम अधर में लटक जाएगा।
2009 में तत्कालीन मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूरी ने नगर में पार्किंग निर्माण कराने की घोषणा की थी। उसके अनुरूप शासन ने एक करोड़ की राशि स्वीकृत की। पार्किंग के निर्माण के लिए बजट अवमुक्त न होने कारण पार्किंग की लागत बढ़ती गई।
पार्किंग की लागत 2.12 करोड़ हो गई। 2020 की शुरूआत में गरुड़ रोड पर कोतवाली से आगे 60 वाहन क्षमता वाले दोमंजिले पार्किंग का निर्माण कार्य शुरू हुआ। शासन से पहली किस्त के रूप में 50 लाख रुपये मिले। पिछली बरसात में भूस्खलन होने से पार्किंग का काम बाधित रहा।
उससे पहले लॉकडाउन के कारण कार्य बंद रहा। पार्किंग के भूतल में लिंटर पड़ गया है। भूतल का काफी काम अवशेष है। इस कार्य में 50 लाख रुपये से अधिक की राशि खर्च हो गई है।
प्रथम तल के कार्य के लिए पालिका को बजट की दरकार है। पालिका शासन को हर माह अवशेष रकम अवमुक्त करने के लिए पत्राचार कर रही है। अब तक अवशेष बजट मिलने का रास्ता साफ नहीं हुआ है।
शासन से प्रतिमाह बजट के लिए पत्राचार किया जा रहा है। 1.62 करोड़ रुपये की राशि अवशेष है। पालिका के पास इतने संसाधन नहीं हैं कि पार्किंग का अवशेष कार्य पूरा किया जा सके। विधायक चंदन राम दास से भी अवशेष रकम अवमुक्त कराने में मदद करने के लिए कहा है।
सुरेश खेतवाल, पालिकाध्यक्ष बागेश्वर
पार्किंग के लिए अवशेष बजट अवमुक्त कराने के लिए प्रयास किया जाएगा। शासन से जो धन मिलेगा, वह तो मिलेगा ही। पालिका को राज्य वित्त, 15वें वित्त मद से भी पार्किंग का कार्य पूरा करने में बजट खर्च करना चाहिए।
चंदन राम दास विधायक बागेश्वर।