पति की लंबी उम्र की कामना के साथ किए जाने वाला करवाचौथ व्रत एक नवंबर को मनाया जाएगा। करवाचौथ पूजा के लिए प्रयोग में आने वाली सामग्रियों का बाजार सज चुका है। महिलाओं ने खरीदारी भी शुरू कर दी है। इससे व्यापारियों में भी उत्साह है।
करवाचौथ के दिन सुहागिन महिलाएं साज, शृंगार के साथ पूरे दिन निर्जला व्रत करतीं हैं। शाम को चांद देखने के बाद पति के हाथ से पानी पीकर व्रत तोड़ा जाता है। व्रत के दिन महिलाओं को पूजा के लिए कई प्रकार की सामग्रियों की जरूरत पड़ती है। इस कारण करवाचौथ का व्यापारियों को भी इंतजार रहता है।
इस साल नवरात्र से ही व्यापारियों ने करवाचौथ का सामान दुकानों में सजा लिया। बाजार में करवाचौथ की संपूर्ण सामग्री वाली थाल 250 रुपये से 800 रुपये तक बिक रही है। दीये पांच रुपये से 20 रुपये तक, चूड़ियां 80 रुपये से लेकर 300 रुपये सेट के हिसाब से बिक रहीं हैं। महिलाओं ने अलग से ऐपण, थाली, लोटा आदि भी सजाए हैं। सौंदर्य प्रसाधन समेत पूजा की अन्य वस्तुएं भी खरीदी जा रहीं हैं।
करवाचौथ की तैयारी के लिए खरीदारी होने लगी है। अभी कम ग्राहक आ रहे हैं, आने वाले तीन दिनों में बिक्री जोर पकड़ेगी। ग्राहकों की सुविधा के लिए अलग रेट की थाल बनाई है। करवाचौथ पर अच्छा कारोबार होने की उम्मीद है। - कमल साह जगाती, व्यवसायी, चौक बाजार, बागेश्वर।
करवाचौथ के लिए हमारी तैयारी पूरी हो चुकी है। पूजा का सभी सामान उपलब्ध है। अभी खरीदारी धीमी है। ऑनलाइन खरीदारी ने भी बाजार को प्रभावित किया है। उम्मीद है पर्व तक बड़ी संख्या में खरीदार उमड़ेंगे और अच्छा कारोबार होगा।
- पूजा गढि़या, व्यापारी, खड़ी बाजार।