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दो साल बाद लगेगा कोट भ्रामरी मंदिर में मेला

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बागेश्वर/कौसानी। कोरोना के हर क्षेत्र को गहरे जख्म दिए हैं। पहाड़ की पहचान रहे मेले भी इससे प्रभावित रहे हैं। हालात कुछ सामान्य हुए हैं तो इस बार नवरात्रि पर मंदिरों में चहलपहल रहने की उम्मीद है।
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चैत्राष्टमी को बागेश्वर के डंगोली में स्थित विख्यात कोट भ्रामरी मंदिर में मेला लगता है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर में जुटते हैं। कोरोना महामारी के कारण वर्ष 2020 और 2021 में कोट भ्रामरी मंदिर में मेले का आयोजन नहीं हुआ। इस बार कोट भ्रामरी मंदिर में चैत्राष्टमी नौ अप्रैल को मेला लगेगा। नवरात्र में मंदिर में बड़ी संख्या में दूरदराज से श्रद्धालु माता भ्रामरी के दर्शनों के लिए पहुंचते हैं। बागेश्वर के चंडिका मंदिर, कांडा के कालिका मंदिर, भद्रकाली मंदिर, कपकोट के बदियाकोट भगवती मंदिर में भी चैत्र की नवरात्रियों में चहलपहल रहेगी। दूर-दूर से लोग माता भगवती के दर्शनों के लिए पहुंचते हैं। चैत्र के नवरात्र में इस बार दो साल बाद देवी मंदिर भक्तों की आवाजाही से गुलजार रहेंगे।
नवरात्र में खुनौली के हरज्यू और गोलज्यू के मंदिरों में रहेगी रौनक
कांडा। नवरात्र में खुनौली के हरज्यू और गोलज्यू के मंदिरों में रौनक रहेगी। दो अप्रैल पहली और तीन अप्रैल को खुनौली के हरज्यू देवता मंदिर में नौर्त (नवरात्रि) का आयोजन किया जाएगा। चार अप्रैल हरज्यू देवता के मंदिर में भंडारा होगा। मंदिर के पंडित गणेश कांडपाल, गिरीश कांडपाल, संतोष पांडेय, बसंत पांडेय ने बताया कि चार और पांच अप्रैल को गोल्ज्यू मंदिर परिसर में माता कलिंगा और वैष्णवी देवी की मूर्ति की स्थापना की जाएगी। नौर्त का आयोजन होगा। छह अप्रैल को गोलज्यू मंदिर में भंडारा होगा। मंदिर समिति के लोगों ने लोगों से आयोजन में शिरकत करने की अपील की है।
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