विख्यात पर्यटन स्थल कौसानी में बिखरा कूड़ा। संवाद न्यूज एजेंसी
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कौसानी (बागेश्वर)। महात्मा गांधी ने अपने कौसानी प्रवास के दौरान इसे भारत के स्विटजरलैंड की उपमा दी थी। कौसानी के दीदार के लिए हर साल हजारों पर्यटक यहां पहुंचते हैं लेकिन प्रशासन और स्थानीय लोगों की काहिली के चलते यहां की खूबसूरती को कूड़े के ढेर नजर लगा रहे हैं। नगर में प्रवेश करते ही गंदगी के ढेर और बदबू से स्वागत होता है। स्थानीय लोगों ने पर्यटक सीजन से पहले व्यवस्थाएं दुरुस्त करने की मांग उठाई है।
कौसानी का आधा बाजार बागेश्वर तो आधा बाजार अल्मोड़ा जिले में आता है। बागेश्वर के हिस्से में सफाई व्यवस्था के लिए जिला पंचायत ने न्यूनतम मानदेय पर तीन पर्यावरण मित्रों को तैनात किया है। बागेश्वर के हिस्से में भी सफाई मनमर्जी की है। अल्मोड़ा जिले के हिस्से में सफाई की कोई व्यवस्था नहीं है। कौसानी मुख्य द्वार से बाजार के साथ ही स्टेट गेस्ट हाउस को जाने वाली सड़क के किनारे जगह-जगह कूड़े का ढेर लगा हुआ है। सड़क पर कूड़ा फैला हुआ है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (बी टाइप) कौसानी के पास भी कूड़े का ढेर लगा हुआ है।
कौसानी बाजार की नियमित सफाई न होने से सैलानी, व्यापारी और आम लोग परेशान हैं। कौसानी होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष बबलू नेगी का कहना है कि कूड़ा कौसानी की सुंदरता पर बदनुमा दाग है। कई बार कौसानी की सफाई व्यवस्था का मामला अधिकारियों और सरकार के सामने उठाया जा चुका है लेकिन पर्यटन स्थल की कोई सुध नहीं ले रहा है।
कौसानी में सफाई व्यवस्था के लिए तीन पर्यावरण मित्र तैनात हैं। इन लोगों की चुनाव में ड्यूटी लगी थी। इस वजह से कूड़ा निपटारे में दिक्कत आई। अब काम पर लौट गए हैं। सफाई व्यवस्था का निरीक्षण किया जाएगा। नियमित सफाई कराई जाएगी।
सत्यप्रकाश कोटियाल, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत बागेश्वर।