बागेश्वर। जिले में जंगलों में आग लगने का सिलसिला जारी है। वन विभाग ड्रोन की मदद से भी आग पर नजर रख रहा है। क्षति का आकलन कर रहा है। डीएफओ हिमांशु बागरी स्वयं इस पर नजर रख रहे हैं।
जंगलों में आग लगने का सिलसिला बृहस्पतिवार को भी नहीं थमा। बुधवार को कुकुड़ामाई के जंगल में आग से वनस्पति को नुकसान पहुंचा। वन रेंजर श्याम सिंह करायत के नेतृत्व में मौके पर पहुंची टीम ने आग आग पर काबू पाया। बृहस्पतिवार को गिरेछीना समेत कई स्थानों में जंगल में आग लगी रही। वन विभाग की टीम और स्थानीय लोगों ने आग बुझाई। वन रेंजर करायत का कहना है कि जंगलों में आग लगाने वाले तत्वों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। जंगलों में पिकनिक मनाने पर कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।
जिले में अब तक जंगलों में आग लगने की करीब 45 घटनाएं सामने आ चुकी हैं। करीब 50 हेक्टेयर जंगल प्रभावित हुआ है। गनीमत यह है कि अभी घास और वनस्पतियों को ही आग से नुकसान हो रहा है। आने वाले दिनों में गर्मी बढ़ने के साथ ही जंगल में आग लगने की घटनाओं में इजाफा होगा। आग से पेड़ों के जलने का भी खतरा पैदा हो जाएगा। आग पर रोकथाम के लिए वन विभाग ने जिले में 29 क्रू स्टेशन बनाए हैं। एक मॉडल क्रू स्टेशन बनाया गया है। वन विभाग लोगों को जंगलों को आग से सुरक्षित रखने के लिए जागरूक भी कर रहा है।
आसमान में धुंध छायी
बागेश्वर। जंगलों में लगी आग के कारण वातावरण में हर तरफ धुंध छाई है। धुंध के कारण आंखों में जलन की शिकायत बढ़ रही है। धुंध के कारण दृष्यता कम हो गई है। संवाद
भैंसियाछाना ब्लॉक के जंगलों में भी आग
अल्मोड़ा। भैंसियाछाना ब्लाक के कुछ जंगलों में आग लगी है। आग लगने से धुंध छाई है। जंगल की आग जंगलों से सटे आबादी वाले क्षेत्रों में पहुंचने का खतरा बना हुआ है। प्रधान गोपाल राम, पंकज बिष्ट, भोपाल सिंह, अंकित कुमार ने बताया रीठागाड़, नौगांव, कनारीछीना, कुनखेत, परेत के जंगलों में आग लगी हुई है। उन्होंने बताया कि जंगल की आग से वन संपदा को नुकसान पहुंच रहा है।