बागेश्वर। कपकोट सीट पर भाजपा से चुनाव तो सुरेश गढ़िया लड़ रहे हैं लेकिन यहां मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की प्रतिष्ठा भी दांव पर लगी हुई है। सुरेश गढ़िया मुख्यमंत्री के करीबी हैं। इस सीट पर पार्टी ने विधायक बलवंत सिंह भौर्याल का टिकट काटकर सुरेश को दिया है। पूर्व विधायक शेर सिंह गढ़िया भी इस सीट से प्रबल दावेदार थे लेकिन उन्हें टिकट नहीं मिला।
राज्य बनने के बाद अस्तित्व में आई कपकोट विधानसभा सीट पर भाजपा का दबदबा रहा है। कांग्रेस इस सीट को केवल एक बार जीत पाई है। राज्य विधानसभा के पहले चुनाव 2002 में भाजपा के दिग्गज भगत सिंह कोश्यारी इस सीट से विजयी रहे थे। वर्ष 2007 में एक बार फिर भाजपा के कोश्यारी ने कपकोट से जीत हासिल की। भाजपा सत्ता में आई। सत्ता की चाबी मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूरी के हाथ में देने के बाद भाजपा नेतृत्व ने वर्ष 2009 में दिग्गज कोश्यारी को राज्यसभा में भेजा। कोश्यारी के विधायक पद से त्यागपत्र देने के बाद हुए उप चुनाव में भाजपा के शेर सिंह गढ़िया विधायक चुने गए। वर्ष 2012 में कांग्रेस ने यह सीट भाजपा से छीनी। ललित मोहन सिंह फर्स्वाण विधायक चुने गए। वर्ष 2017 में एक बार फिर भाजपा ने वापसी की, बलवंत सिंह भौर्याल विधायक चुने गए।
इस बार पार्टी ने बलवंत सिंह भौर्याल को टिकट नहीं दिया। उम्मीद थी कि पूर्व विधायक शेर सिंह गढ़िया को पार्टी चुनावी समर में उतारेगी लेकिन पार्टी ने शेर सिंह को दरकिनार कर सुरेश गढ़िया को टिकट दे दिया। पार्टी प्रत्याशी सुरेश गढ़िया को सीएम धामी का करीबी माना जाता है। हाल ही में कपकोट के दौरे में सीएम धामी कई बार सुरेश गढ़िया के लिए फील्डिंग सजाते भी नजर आए। अब जब चुनावी समर का आगाज हो गया है। टिकट के अन्य दावेदार शेर सिंह गढ़िया और उनके समर्थकों ने खुद को चुनाव अभियान से दूर कर लिया है।
ऐसे में सीएम धामी पर सुरेश गढ़िया की नैया पार लगाने का दारोमदार आ गया है। शुक्रवार को सीएम धामी का कपकोट दौरा था। नाराज शेर सिंह गढ़िया से भी मुलाकात का कार्यक्रम था लेकिन खराब मौसम के कारण सीएम कपकोट नहीं पहुंच सके। इस सीट पर कांग्रेस ने पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण को एक बार फिर चुनाव मैदान में उतारा है। वे इस बार लगातार तीसरा चुनाव लड़ रहे हैं। उनको पूर्व सीएम हरीश रावत का बेहद करीबी माना जाता है। देखना दिलचस्प होगा कि कपकोट के रण में पूर्व सीएम हरीश रावत का चेला बाजी मारता है या सीएम धामी का चेला?
स्टैंड पर कायम रहेंगे : गढ़िया
कपकोट। कई दिनों की चुप्पी के बाद कपकोट सीट पर टिकट वितरण से नाराज बताए जा रहे पूर्व विधायक शेर सिंह गढ़िया की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से अपने समर्थकों के हवाले से कहा है कि वह अपने पूर्व के निर्णय पर कायम हैं। उनकी भाजपा संगठन से किसी तरह की बात नहीं हुई है। पार्टी के लिए जनता के बीच जाने की बात गलत है। कहा गया है कि जब तक कार्यकर्ताओं का सम्मान नहीं होगा, तब तक वह अपने निर्णय पर कायम रहेंगे। कहा गया है कि जब तक मुख्यमंत्री कार्यकर्ताओं के बीच आकर बात नहीं करते, तब तक वह (शेर सिंह) और उनके समर्थक जनता के बीच नहीं जा सकते। अनुमान लगाया जा रहा है कि रार अभी कायम है।