बागेश्वर। जिले के छह अटल आदर्श विद्यालयों में से पांच स्कूलों की बोर्ड परीक्षा में सीबीएसई पैटर्न 2023 से लागू होगा। देरी से पंजीकरण के चलते राइंका सूपी को एक साल बाद इसका लाभ मिलेगा। सूपी के विद्यार्थी 2024 से सीबीएसई की बोर्ड परीक्षा में भागीदारी कर सकेंगे।
अटल आदर्श विद्यालयों की स्थापना शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने और विद्यार्थियों को पसंद के अनुसार हिंदी या अंग्रेजी माध्यम से शिक्षा प्रदान करने के लिए किया गया है। जिले में छह इंटर कॉलेजों को अटल आदर्श विद्यालय का दर्जा मिला है। जिनमें तीनों ब्लॉकों से दो-दो विद्यालयों का चयन किया है।
बागेश्वर ब्लॉक से राइंका भटखोला और राइंका सानिउडियार, गरुड़ से राइंका वज्यूला और राइंका अमस्यारी, कपकोट विकास खंड से राइंका सूपी और राइंका स्यांकोट का चयन अटल आदर्श विद्यालय के रूप में हुआ।
राइंका सूपी को छोड़कर अन्य सभी विद्यालयों ने पहले सीबीएसई में पंजीकरण करवा लिया था। इन विद्यालयों में कक्षा छह से नौ और 11वीं की कक्षा में सीबीएसई पैटर्न लागू हो गया है, जबकि सूपी का पंजीकरण देर से होने के कारण अगले वर्ष 2022 से सीबीएसई पैटर्न लागू होगा।
सूपी को छोड़कर अन्य विद्यालयों में 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा 2023 से सीबीएसई पैटर्न में होगी, जबकि सूपी के बोर्ड परीक्षार्थियों को एक वर्ष का इंतजार करना होगा।
प्रवक्ताओं के 20 और एलटी के सात पद चल रहे रिक्त
बागेश्वर। अटल आदर्श विद्यालयों में अब तक शिक्षकों के कई रिक्त पदों पर नियुक्ति नहीं हो सकी है। छह अटल आदर्श विद्यालयों में प्रवक्ताओं के कुल 56 पद स्वीकृत हैं। जिसके सापेक्ष 36 प्रवक्ता तैनात हैं, 20 प्रवक्ताओं के पद रिक्त चल रहे हैं।
हालांकि 20 रिक्त पदों के सापेक्ष 10 में अतिथि शिक्षक कार्यरत हैं, लेकिन 10 पद खाली हैं। वहीं एलटी सहायक अध्यापकों के स्वीकृत 56 पदों के सापेक्ष 49 पदों पर शिक्षक तैनात हैं, जबकि सात पद रिक्त चल रहे हैं। रिक्त पदों में से तीन में अतिथि शिक्षक तैनात किए गए हैं, लेकिन चार पद भरे जाने हैं।
अटल आदर्श विद्यालयों में शिक्षकों की तैनाती निदेशालय से होती है। निदेशालय काउंसलिंग करवाने के बाद रिक्त पदों के सापेक्ष शिक्षकों की तैनाती करेगा।
पदमेंद्र सकलानी, मुख्य शिक्षाधिकारी बागेश्वर।