बागेश्वर। आजादी का अमृत महोत्सव के तहत कृषि विज्ञान केंद्र काफलीगैर में वृहद किसान मेले का आयोजन किया गया। जिलेभर के 210 किसानों ने मेले में भागीदारी कर कृषि उत्पादन बढ़ाने और फसल सुरक्षा की तकनीकों को जाना। पांच प्रगतिशील किसानों को प्रशस्तिपत्र देकर सम्मानित किया गया।
मंगलवार को किसान मेले का शुभारंभ करते हुए मुख्य अतिथि डीएम विनीत कुमार ने स्टॉलों का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि जनपद में अधिकतर किसान लघु एवं सीमांत श्रेणी के हैं जिनके पास छोटे एवं बिखरे खेत हैं और सिंचाई की सुविधा भी कम है। ऐसे में किसान परंपरागत खेती करते हैं।
उन्होंने किसानों से खेती के साथ पशुपालन, मुर्गी पालन, मत्स्य पालन, मौन पालन, बकरी पालन, रेशम, मशरूम, बेमौसमी सब्जी उत्पादन कर आर्थिक स्थिति को मजबूत करने को कहा। सभी अधिकारियों को किसानों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने किसानों से समेकित खेती और उन्नत बीज, उपकरणों का उपयोग कर उत्पादन बढ़ाने को कहा। कलस्टर में उत्पादन करने, उत्पादों के ग्रेडिंग, पैंकेजिंग व मार्केटिंग पर विशेष ध्यान देने की भी सलाह दी।
सीडीओ संजय सिंह ने कहा कि मेले का मुख्य उद्देश्य अधिकारी, किसान और वैज्ञानिकों के बीच संवाद स्थापित करना है। विवेकानंद कृषि अनुसंधान संस्थान अल्मोड़ा के निदेशक डॉ. लक्ष्मीकांत ने कृषि उत्पादन और उनकी सुरक्षा तकनीकी की जानकारी देते हुए बताया कि अब तक केंद्र ने 175 पर्वतीय फसल की प्रजाति विकसित की है जिनका लाभ उठाकर किसान अपनी आमदनी बढ़ा सकता है। मुख्य कृषि अधिकारी सीएस वर्मा, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. आर चंद्रा ने विभागीय योजनाओं के बारे में बताया। लीड बैंक अधिकारी एनआर जौहरी ने केसीसी बनाने और कृषि, पशु बीमा करवाने को कहा। प्रगतिशील किसान चंद्रशेखर पांडेय ने पारंपरिक खेती के साथ सगंध खेती करने पर जोर दिया।
प्रगतिशील किसान दरवान सिंह, ममता मेहता, मुन्नी देवी, पूरन चंद्र और बालम सिंह को सम्मानित किया गया। मेले में कृषि, उद्यान, डेयरी, रेशम, पशुपालन, केवीके और स्वयं सहायता समूहों ने स्टॉल लगाकर किसानों को विभिन्न योजनाओं, कीटनाशक, कृषि उपकरण और बीजों की जानकारी दी। संचालन कृषि विज्ञान केंद्र के कार्यक्रम समन्वयक डॉ. केके पांडेय ने किया। वहां डीडीओ संगीता आर्या, भूमि संरक्षण अधिकारी गीतांजलि बंगारी, मत्स्य निरीक्षक मनोज मियान, वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. जेएस बिष्ट मौजूद रहे।