रानीखेत (अल्मोड़ा)। वर्ष 1973 में बनी ताड़ीखेत-गगास पेयजल पंपिंग योजना के पाइप एक बार फिर फट गए। तीन दिन पहले यहां चौकुनी के पास पाइप से रिसाव शुरू हुआ, इस कारण क्षेत्र की 38 ग्राम सभाओं में पानी की आपूर्ति ठप हो गई। हालांकि कुछ इलाकों में तिपौला पंपिंग की दूसरी योजना से पानी की आपूर्ति की गई, लेकिन वह भी नाकाफी रही।
पानी की आपूर्ति न होने से लोगों में आक्रोश भी है। ग्रामीणों ने कहा कि दो-तीन दिन छोड़कर पानी दिया जाता है, वह सिलसिला भी तीन दिनों से ठप है। दूरदराज के स्रोतों से आपूर्ति करना उपभोक्ताओं की मजबूरी बन गया है। ताड़ीखेत-गगास पेयजल योजना से ताड़ीखेत ब्लॉक की 38 ग्रामसभाओं समेत सेना भी निर्भर है।
इस योजना से 80 प्रतिशत पानी सेना को दिया जाता है, शेष 20 प्रतिशत पानी से ग्रामीण क्षेत्रों की आपूर्ति होती है, लेकिन आए दिन पाइप लाइन फट जाने के कारण लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
इस कारण सेना ने कुछ साल पहले अपने पाइप लाइनों का पुनर्गठन कर दिया था। शनिवार शाम चौकुनी के पास पाइप लाइन फट गए। तबसे पाइप नहीं जोड़े गए हैं। तिपौला योजना से आपूर्ति पर्याप्त नहीं हो पा रही है, जिस कारण लोगों में भारी आक्रोश है।
शनिवार को चौकुनी के आसपास पाइप लाइन फट गई थी। पाइप लाइनों में लीकेज की समस्या भी है। वहां पहले फॉल्ट नहीं मिला। सोमवार सुबह से ही पाइप लाइन को ठीक कर देर शाम पाइप लाइनों को दुरुस्त कर लिया गया है। अब मंगलवार से आपूर्ति बहाल हो जाएगी।
-जेएस तोमर, एई, जल निगम, रानीखेत।
क्या कहते हैं लोग
ताड़ीखेत क्षेत्र में पीने के पानी की भारी किल्लत है। ऋषिगाड़ योजना आपदा के बाद ठीक नहीं हो सकी है। फिलहाल तिपौला योजना से जोड़ा गया है, लेकिन पानी की पर्याप्त आपूर्ति नहीं हो पा रही है।
-गोपाल सिंह अधिकारी, अध्यक्ष, ताड़ीखेत विकास संघर्ष समिति।
गनियाद्योली क्षेत्र में भी पानी की नियमित आपूर्ति नहीं हो रही। दो-तीन दिन छोड़कर नाकाफी पानी दिया जाता है। पिछले कुछ दिनों से समस्या और भी गहरा गई है। आपूर्ति कहां से करेंगे, जबकि बिल पूरा दिया जाता है।
-सुनीता बिष्ट, गनियाद्योली।
सर्दी के मौसम में भी पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है, लोग परेशान हैं। अधिकारियों को सतर्कता बरतनी चाहिए। हर घर जल हर नल लगे एक साल हो गया है लेकिन पानी की बूंद नहीं आ रही। इससे लोगों में आक्रोश है।
-राजेंद्र बिष्ट, बधांण, चिलियानौला।