अल्मोड़ा। बारिश के बाद कोसी नदी का पानी गंदा होने से पेयजल पंपिंग ठप होने आम हो गया है। नदी का पानी गंदा होने और गाद बहकर आने से सोमवार रात सात घंटे पंप ठप रहे। जिस कारण दुगालखोला, पांडेखोला, हीराडुंगरी समेत आसपास के इलाकों को पानी की पंपिंग नहीं हो सकी।
बारिश के बाद कोसी नदी में पानी बढ़ गया और ऊपरी इलाकों से गंदे पानी के साथ ही गाद भी बहकर आने लगी। इस कारण जल संस्थान को सोमवार रात 11 बजे से मंगलवार सुबह छह बजे तक पेयजल पंपिंग रोकनी पड़ी। इस कारण मंगलवार को हीराडुंगरी, पांडेखोला, दुगालखोला आदि इलाकों में लोगों को पानी की सप्लाई नहीं हो सकी और लोगों को दिक्कत हुई।
जल संस्थान के ईई केएस बताया कि बुधवार को सभी इलाकों में आपूर्ति सुचारु हो जाएगी। इधर सोमवार सायं सिंचाई विभाग ने बैराज में भरे गंदे पानी को साफ करने के लिए बैराज गेट खोले।
इस दौरान गेट नंबर तीन पर पानी के साथ बहकर आकर बड़ा बोल्डर फंस गया था। इससे कुछ देर बैराज का गेट नंबर तीन बंद नहीं हो सका। बाद में बोल्डर को हटाकर विभागीय कर्मियों ने गेट बंद किया।
इंटेकवेल निर्माण की हो जांच : मनोज
अल्मोड़ा। कांग्रेस नेता पूर्व विधायक मनोज तिवारी ने कहा है कि जनता पेयजल समस्या से जूझ रही है, लेकिन प्रदेश सरकार, जल संस्थान, स्थानीय विधायक और सांसद जनता को पेयजल उपलब्ध कराने में पूरी तरह असफल साबित हो रहे हैं। करोड़ों की लागत से बना इंटेकवेल सफेद हाथी साबित हो रहा है। कांग्रेस लगातार इंटेकवेल के निर्माण की जांच की मांग करते आ रही है।
पूर्व में भाजपा के सीएम भी एसआईटी जांच की घोषणा कर चुके थे, लेकिन अब तक जांच नहीं कराई गई है। इससे स्पष्ट है कि इंटेकवेल के निर्माण में अनियमितताएं हुई हैं। उन्होंने इंटेकवेल निर्माण और कार्यदायी संस्था की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। आरोप लगाया है कि इंटेकवेल बनने के बावजूद जनता को मटमैले पानी की आपूर्ति हो रही है।
स्थानीय विधायक यदि जनता को पेयजल उपलब्ध करा पाते हैं तो उन्हें पद से त्यागपत्र दे देना चाहिए। यदि अविलंब सरकार ने इंटकवेल की एसआईटी जांच नहीं करवाई तो कांग्रेस पार्टी स्थानीय विधायक, प्रदेश सरकार और जल संस्थान के विरुद्ध आंदोलन को बाध्य होगी।