चौखुटिया में रूपांतरण के बाद बदली सरकारी स्कूलों की तस्वीर।
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चौखुटिया (हेम कांडपाल)। सरकारी स्कूलों का निजी स्कूलों की तर्ज पर कायाकल्प होते ही यहां की छात्र संख्या भी आश्चर्यजनक तरीके से बढ़ गई है। अभिभावक भी इन स्कूलों में अपने बच्चों का प्रवेश दिलाने के लिए उत्सुक नजर आ रहे हैं। इस बदलाव के पीछे बीईओ भारत जोशी का बहुत बड़ा योगदान है।
तहसील क्षेत्र के सरकारी प्राथमिक और जूनियर हाईस्कूल नामी निजी स्कूलों से मुकाबले के लिए तैयार हैं। इन्हें तैयार करने के साथ ही विभाग छात्रों की संख्या बढ़ाने के लिए घर-घर जाकर संपर्क भी करना शुरू कर दिया है। बीईओ भारत जोशी ने बताया कि स्कूलों के रूपांतरण के बाद से सरकारी स्कूलों के प्रति अभिभावकों की सोच में भी बदलाव आया है। जूनियर हाईस्कूल छिताड़ में ही छात्र संख्या 63 और प्राथमिक स्कूल पटलगांव में छात्र संख्या 68 तक पहुंच गई है। तहसील क्षेत्र के कुल अस्सी प्राथमिक स्कूलों में से अट्ठारह प्राथमिक स्कूल तथा बारह जूनियर हाईस्कूलों में से दो जूनियर स्कूलों का रूपांतरण के बाद कायाकल्प हो गया है। रूपांतरण का अभियान 2019 से शुरू हुआ था। 2020 से 2021 के बीच महज एक साल में ही 15 विद्यालयों का रूपांतरण हुआ है जो एक बड़ी उपलब्धि है।
स्कूलों में उपलब्ध सुविधाएं
चौखुटिया (अल्मोड़ा)। सरकारी स्कूलों के रूपांतरण के बाद सभी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। शानदार और आकर्षक भवन, पर्यावरणीय ज्ञान के लिए वाटिका, सभी कक्षाओं में स्मार्ट टीवी, इंटरनेट सुविधा, उच्च गुणवत्ता का फर्नीचर, ईको क्लब की तर्ज पर बुहुउपयोगी सामग्री, खेल सामग्री, थीम आधारित पेंटिंग, गतिविधि आधारित रुचिपूर्ण शिक्षा व बच्चों की सुरक्षा सहित सभी मानकों का विशेष ध्यान रखा गया है।
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स्कूलों के कायाकल्प में प्रशासन और शिक्षा विभाग के आपसी समन्वय से बड़ी मदद मिली है। भवन समेत अन्य आधुनिक सुविधाएं जुटाने के लिए विभाग के अलावा डीएम के अनटाइड फंड, गैरसैंण विकास परिषद के फंड, खनिज बोर्ड और गेल के माध्यम से आर्थिक सहयोग मिला है। शिक्षक व शिक्षिकाओं के प्रयासों से छात्र संख्या भी बढ़ी है। हमारा मकसद अच्छी शिक्षा के लिए गांव से पलायन करने वाले अभिभावकों को यहीं पर रोकना है। - भारत जोशी, बीईओ चौखुटिया