कोसी-कौसानी मार्ग में सोमेश्वर के समीप आया मलबा। (संवाद)
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अल्मोड़ा। दो दिन से लगातार हो रही बारिश पहाड़ी इलाकों में कहर बनकर बरसी है। मूसलाधार बारिश से कई स्थानों पर जानमाल का काफी नुकसान हुआ है। तेज बारिश के कारण जिले में दर्जनों रास्ते कई स्थानों पर घंटों तक बंद रहे। ग्रामीण क्षेत्रों में भी सीसी मार्ग और संपर्क मार्ग बंद होने से लोगों को आवाजाही में परेशानी रही।
सोमवार रात हुई एनटीडी क्षेत्र में एक मकान पर मलबा गिरने से मलबे में दबकर एक युवती की मौत हो गई। वहीं चितई क्षेत्र में भी मकान के मलबे की चपेट में आने से एक महिला की मौत हो गई। भिकियासैंण हादसे में ही एक बुजुर्ग अब तक लापता हैं। मानिला क्षेत्र में भी बारिश ने जमकर तबाही मचाई है। बारिश से यहां ग्राम सभा टिटौली के फैना गांव का सीसी मार्ग पूरी तरह उखड़ने से लोगों को आवाजाही में परेशानी रही।
पानी का बहाव तेज होने पर ग्राम टिटौली के नाले में बना चेकडैम भी बह गया। सदर संसारी ईड़ाकोट रोड का एक हिस्सा भी पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। धौलादेवी के पास पेड़ गिरने से रात करीब तीन घंटे तक मार्ग अवरुद्ध रहा। लोधिया बैरियर में पास भी एक पेड़ गिरने से दिन में रास्ता बंद रहा पुलिस कर्मियों ने पेड़ काटकर रास्ता खोला। अल्मोड़ा की ही ऑफिसर्स कॉलोनी में मलबा आने से पूरा मार्ग घंटों बंद रहा।
चौखुटिया में भी द्वाराहाट रोड पर मलबा आने से मार्ग घंटों बंद रहा। जेसीबी की मदद से मार्ग खुलवाया गया। सल्ट के मरचूला हाईवे पर झड़गांव, बैलगड़िया, टुकरा, कूपी क्षेत्र में मलबा आने से सड़क बाधित रही। सल्ट-धूमाकोट मार्ग भी मलबा गिरने से काफी देर तक बंद रहा। ताकुला, सोमेश्वर क्षेत्र में भी सड़क पर पेड़ गिरने से काफी देर तक यातायात बाधित रहा।
पुलिस कर्मियों ने जेसीबी की मदद से रास्ता खुलवाकर यातायात सुचारु किया। मंगलवार दोपहर फायर स्टेशन के समीप दीवार ढहने से एक कार सड़क के नीचे खाई में गिर गई। दमकल कर्मियों ने रस्सी की मदद से कार को सुरक्षित निकाला।