बागेश्वर। जिले के कपकोट ब्लॉक मुख्यालय के लिए संचालित एकमात्र बस को व्यवस्थाओं ने बागेश्वर में ही जाम किया है। परिवहन निगम की दिल्ली-भराड़ी सेवा बागेश्वर से आगे नहीं जाती। परिवहन निगम के अधिकारी इसके पीछे के कारण चालकों की कमी और बसों की स्थिति को बता रहे हैं। कपकोट तहसील मुख्यालय के लिए केमू ने भी कोई बस नहीं चलाई है।
तहसील क्षेत्र की आबादी 60,000 से अधिक है। क्षेत्र की दो प्रमुख बाजार कपकोट और भराड़ी नगर पंचायत में हैं, जबकि शामा, सौंग, मुनार, लीती कई छोटे बाजार ग्रामीण इलाकों में हैं। क्षेत्र के कई गांवों के अधिकतर युवा महानगरों में रोजगार करते हैं। उनके लिए दिल्ली-भराड़ी बस सेवा ही एकमात्र सहारा है लेकिन वह बस बागेश्वर से आगे नहीं बढ़ती।
भराड़ी के पूर्व व्यापार मंडल अध्यक्ष शेर सिंह ऐठानी, सामाजिक कार्यकर्ता महेश सिंह गढि़या का कहना है कि पूर्व में शामा तक रोडवेज की बस चलती थी, लेकिन लंबे समय से उसका संचालन बंद है। दिल्ली-भराड़ी बस सेवा भी बाधित होने से लंबी दूरी के यात्रियों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है। रोजाना जिला मुख्यालय आने-जाने वालों को महंगा किराया देकर टैक्सी पर सफर करना पड़ता है।
चालक-परिचालकों की कमी से भराड़ी तक बस का संचालन नहीं हो रहा है। खराब बसों की मरम्मत और स्टाफ की कमी के चलते दिक्कत है। उच्चाधिकारियों को समस्या से अवगत कराया गया है।
केबी उपाध्याय बागेश्वर रोडवेज स्टेशन इंचार्ज
कपकोट के जगथाना गांव के लिए बस चलती है, लेकिन तहसील मुख्यालय के लिए बस सेवा नहीं है। जल्द ही कपकोट-शामा के लिए बस संचालित करने का प्रस्ताव है। -केडी भट्ट बागेश्वर केमू स्टेशन इंचार्ज