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ऑनलाइन पढ़ाई के चलते विद्यार्थियों के लिखने की आदत हुई कम

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भूपेश पंत - फोटो : ALMORA
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अल्मोड़ा। 10वीं और 12वीं बोर्ड की परीक्षाएं करीब आते ही तैयारियों को लेकर बच्चों में अचानक दबाव बढ़ गया है। विद्यार्थियों के लिए निर्धारित तय समय में बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी करना बड़ी चुनौती साबित हो रहा है। ऑनलाइन पढ़ाई के चलते विद्यार्थियों के लिखने की आदत हुई कम हुई है।
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शिक्षकों का मानना है कि विद्यार्थियों को अभी तक यह उम्मीद थी कि पिछले साल की तरह अबकी बार भी बोर्ड परीक्षाएं नहीं होंगी। इस वजह से कई विद्यार्थियों ने परीक्षाओं की तैयारी करना शुरू ही नहीं किया था। विद्यार्थी सोच रहे थे कि उन्हें बिना परीक्षा दिए ही अगली कक्षाओं में प्रोन्नत कर दिया जाएगा। हाल में जब प्री-बोर्ड परीक्षा हुई तो इसके बाद विद्यार्थी भी कुछ हद तक पढ़ाई के प्रति चिंतित हो गए। अब बोर्ड परीक्षाओं के ऑफलाइन होने से बच्चों में तैयारियों को लेकर अचानक से दबाव पड़ा है। इस कारण विद्यार्थी समझ नहीं पा रहे हैं कि वे परीक्षाओं की तैयारी कैसे करें। ऑफलाइन कक्षाओं में बच्चों को पढ़ाई का मौका कम ही मिला। ऐसे में विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी करने के लिए पर्याप्त समय नहीं मिला है। विद्यार्थियों के लिए निर्धारित तय समय में बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी करना बड़ी चुनौती साबित हो रहा है। ऑनलाइन पढ़ाई के चलते विद्यार्थियों के लिखने की आदत कम हो गई है।
कोरोना के बाद पहली बार हुई ऑफलाइन परीक्षाओं में शिक्षकों को ये देखने को मिला कि छात्र-छात्राओं की लेखनी में अंतर आया है। कई विद्यार्थी तो अच्छे से लिख नहीं पा रहे थे। साथ ही बच्चों की लिखावट भी खराब हुई है।
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क्या कहते हैं शिक्षक
बोर्ड परीक्षा के विद्यार्थी पूरे आत्मविश्वास के साथ अपनी तैयारी पर भरोसा रखें। लगातार अभ्यास से विद्यार्थियों को निर्धारित समय में प्रश्न पत्र हल करने में आसानी होगी। इस अभ्यास को करने से परीक्षा देते वक्त उन्हें किसी भी प्रकार का दबाव नहीं रहेगा। बच्चों को मानसिक और शारीरिक रूप से सुदृढ़ रहने के लिए नियमित योगाभ्यास, पूरी नींद और सादा भोजन करना चाहिए।
- कल्याण मनकोटी, राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षक राजकीय जूनियर हाईस्कूल चनोली (अल्मोड़ा)
विद्यार्थी अगस्त से ही भौतिक रूप से स्कूल में आकर पढ़ रहे थे जिस कारण उनको लिखने पढ़ने में अब परेशानी या दबाव का अनुभव नहीं हो रहा है। विद्यार्थी परीक्षा मे खुद पर पूर्ण विश्वास रखें। तनाव मुक्त रहे। परीक्षा के शुरू के दस मिनट में पूरे प्रश्न पत्र को एक बार अच्छे से पढ़ लें। सबसे पहले सरल सवालों को हल करें। इसके बाद कठिन सवालों का जवाब दें। गत वर्षों मे बोर्ड परीक्षा में आए हुए प्रश्न पत्रों को हल कर लें।
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- भूपेश पंत, शिक्षक रसायन विज्ञान विवेकानंद इंटर कालेज अल्मोड़ा

कल्याण मनकोटी- फोटो : ALMORA

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