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विद्यार्थियों की पढ़ाई में मददगार हो रहे यूट्यूब ऐप

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अल्मोड़ा। कोरोना काल में बच्चों की पढ़ाई पर विपरीत असर पड़ा है। हालांकि शिक्षक व्हाट्स एप समेत ऑनलाइन और ऑफलाइन तरीके से पढ़ा रहे हैं। दूसरी ओर बच्चों की पढ़ाई में यूट्यूब के विभिन्न एप और चैनल मददगार साबित हो रहे हैं। कक्षाएं संचालित न होने से बच्चे इन ऐपों और चैनलों के माध्यम से पढ़ाई कर रहे हैं।
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वर्ष 2021-21 में कोरोना के कारण बच्चों की कक्षाएं संचालित नहीं हो सकीं। वहीं चालू शैक्षिक सत्र में भी कोरोना की दूसरी लहर ने बच्चों की पढ़ाई चौपट कर दी है। शिक्षा विभाग ने बच्चों को व्हाट्स एप के माध्यम से शिक्षण देने का प्रयास किया, लेकिन जिन इलाकों में मोबाइल सिग्नल नहीं हैं, वहां बच्चे ऑनलाइन से वंचित रहे हैं।
हालांकि बाद में शिक्षकों ने वर्कशीट के माध्यम से बच्चों को शिक्षण देने की कोशिश की लेकिन बोर्ड और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में लगे बच्चें को लिए यूट्यूब में विभिन्न एप और चैनल मददगार साबित हो रहे हैं। इसी कड़ी में जिले के शिक्षा विभाग ने कक्षा एक से 12वीं तक के बच्चों के लिए स्कूल एजूकेशन अल्मोड़ा एप बनाया है।
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इसमें सरकारी स्कूलों के करीब 50 शिक्षकों ने 1800 से अधिक वीडियो से बच्चों के लिए शिक्षण पाठ्यक्रम तैयार किया है। दीक्षा और स्वयंप्रभा एप के माध्यम से भी बच्चे पढ़ाई करने में आगे आ रहे हैं। यूट्यूब में विभिन्न विषयों पर तैयार एनसीईआरटी के पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं। बच्चे पढ़ाई में इसकी भी मदद ले रहे हैं।
विभिन्न विषय विशेषज्ञों ने यूट्यूब पर ऑनलाइन और ऑफलाइन शिक्षण की व्यवस्था की है। इनसे बच्चे प्रतियोगी परीक्षा की भी तैयारी कर रहे हैं।
राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान (रमसा) के समन्वयक विनोद राठौर और जीआईसी हवालबाग के प्रवक्ता डॉ. कपिल नयाल का कहना है कि गूगल मीट और जूम के माध्यम से भी बच्चों को पढ़ाया जा रहा है। जिन स्थानों पर नेट की सुविधा नहीं है वहां बच्चों को वर्कशीट दिलाई जा रही है।
बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाएं शिक्षक : सीईओ
अल्मोड़ा। कोरोना की दूसरी लहर के कारण बच्चों की पढ़ाई जारी रखने के लिए शिक्षा विभाग ने शिक्षकों को बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाने के निर्देश दिए हैं। जिले के घाटी वाले और पर्वतीय इलाके में इन दिनों ग्रीष्मकालीन अवकाश है। ऐसे में बच्चों की पढ़ाई निरंतर रखने के लिए शिक्षा विभाग ने सभी शिक्षकों को बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
ताकि कोरोना काल में कक्षाएं संचालित न होने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने की भरपाई हो सके। सीईओ एचबी चंद ने कहा है कि शिक्षक पूर्व में दिए गए निर्देशों के तहत सभी शिक्षकों से ऑनलाइन पढ़ाने के लिए कहा गया है। इस माह के अंत में ऑनलाइन शिक्षण की समीक्षा भी की जाएगी।
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