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54 किमी दूर रामनगर में जाकर करा रहे एक्सरे और अल्ट्रासाउंड

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अल्मोड़ा/सल्ट। कोरोना की दूसरी लहर में भी ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं सुधर सकी हैं। जिस वजह से मरीजों को उपचार के लिए दूर जाना पड़ रहा है।
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यही हाल सल्ट स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) का है। यहां जांच की मशीनें न होने की वजह से मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
देवायल में संचालित स्वतंत्रता संग्राम सेनानी हरि दत्त वैद्य सीएचसी के हाल बुरे हैं। यहां एक्सरे मशीन तो है लेकिन तकनीशियन नहीं है। इस कारण मरीजों की एक्सरे सुविधा तक नहीं मिल पाती है।
तकनीशियन का पद कई साल से खाली है। इस तरह की अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की मशीन लगाने की मांग भी सालों से रही है, लेकिन मशीन नहीं लग पाई। यहां रक्त की कुछ जांचें हो जातीं हैं।
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हालांकि अस्पताल में पैथॉजोलिस्ट का पद खाली है लेकिन टीबी विभाग के एक कर्मचारी यह जांचें कर देते हैं। इससे मरीजों को कुछ राहत हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां पर डॉक्टर तो मिल जाते हैं लेेकिन जांचों के लिए रानीखेत या रामनगर के चक्कर लगाने पड़ते हैं। पास में 54 किमी दूर रामनगर है।
लोग यहीं जाकर स्वास्थ्य से जुड़ी जांचें करवा पाते हैं। कोरोना के समय में लोगों को आवाजाही में और भी दिक्कत हो रही है। वृद्ध लोगों के उपचार में और भी परेशानी आती है।
अस्पताल के प्रभारी डॉ. सौरभ सिंह ने बताया कि अस्पताल में उपलब्ध सभी सुविधाएं मरीजों को दिलाईं जातीं हैं। कुछ विभागों में पद खाली हैं। इन्हें भरने के लिए पत्राचार किया जा रहा है।
सल्ट के सरकारी अस्पताल में एक्सरे के लिए प्रशिक्षित कर्मचारी उपलब्ध होना चाहिए। यहां अल्ट्रासाउंड की भी मशीन लगानी चाहिए। मरीजों को जांचों के लिए भटकना पड़ता है।
- मनोज उपाध्याय
यहां पर्याप्त डॉक्टर हैं। वह अपनी तरफ से मरीजों के उपचार की पूरी कोशिश करते हैं, लेकिन सहयोगी कर्मचारियों के पद खाली होने के कारण यहां लोगों को परेशानी होती है।
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- चंद्रप्रकाश शर्मा
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