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दादा से विरासत में मिले बैडमिंटन खेल को आगे बड़ाकर लक्ष्य ने रच दिया इतिहास

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बैडमिंटन खिलाड़ी लक्ष्य सेन - फोटो : ALMORA
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अल्मोड़ा। 73 साल बाद भारत को थॉमस कप दिलाकर पूरे विश्व में भारत और अल्मोड़ा का गौरव बढ़ाने वाले बैडमिंटन के स्टार खिलाड़ी लक्ष्य सेन को बैडमिंटन खेलने का हुनर विरासत में मिला है। उनके दादा स्व. सीएल सेन भी बैडमिंटन की कई राष्ट्रीय प्रतियोगिताएं जीत चुके हैं। दादा से विरासत में मिले बैडमिंटन खेल को आगे बढ़ाकर लक्ष्य इतिहास रचने में सफल हुए हैं।
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लक्ष्य सेन का जन्म 16 अगस्त 2001 को अल्मोड़ा के तिलकपुर वार्ड में हुआ था। उनके दादा स्व. सीएल सेन बैडमिंटन के एक बेहतरीन खिलाड़ी थे। उन्होंने वेटरन में राज्य और राष्ट्रीय स्तर की कई प्रतियोगिताएं जीतीं थीं। उनकी लगन और जज्बे के कारण अल्मोड़ा में बैडमिंटन को बढ़ावा मिला। इसी के चलते उन्हें अल्मोड़ा में बैडमिंटन का पुरोधा भी माना जाता है। लक्ष्य के पिता डीके सेन भारतीय खेल प्राधिकरण में बैडमिंटन कोच रहे हैं और वर्तमान में प्रकाश पादुकोण बैडमिंटन एकेडमी बेंगलुरु में प्रशिक्षण दे रहे हैं। डीके सेन थॉमस कप जीतने वाली भारतीय टीम के कोच बनकर भी टीम के साथ गए थे। पूर्व में भी उन्हें कई बार भारतीय टीम का प्रशिक्षक बनकर विदेशों में आयोजित बैडमिंटन प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग करने का अवसर मिला है।
लक्ष्य सेन के बड़े भाई चिराग सेन भी अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन खिलाड़ी हैं। चिराग जूनियर राष्ट्रीय बैडमिंटन चैंपियनशिप और जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में नंबर दो रह चुके हैं। लक्ष्य सेन अब तक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 26 पदक जीत चुके हैं। इनमें अकेले 16 स्वर्ण पदक हैं।
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पीएम मोदी ने भी लक्ष्य को सराहा
अल्मोड़ा। अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन खिलाड़ी लक्ष्य सेन की इस उपलब्धि पर रविवार शाम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी लक्ष्य सेन और भारतीय टीम से फोन पर बात की। उत्तरांचल राज्य बैडमिंटन संघ के सचिव बीएस मनकोटी ने बताया कि फोन पर पीएम मोदी ने लक्ष्य सेन से कहा कि तुम्हारी तीन पीढ़ियां बैडमिंटन में हैं। तुम्हारे दादा, पिता और तुम, अरे भाई अब तो बाल मिठाई खिलानी पड़ेगी।
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लक्ष्य ने 11 साल में जीते 26 पदक
- विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप 2021 स्पेन-कांस्य पदक।
- ऑल इंग्लैंड बैडमिंटन चैंपियनशिप 2022 इंग्लैंड- रजत पदक।
- इंडिया इंटरनेशनल सुपर सीरीज 2022 दिल्ली- स्वर्ण पदक।
- पोलिश ओपन 2019- रजत पदक।
- योनेक्स बेल्जियम इंटरनेशनल 2019-स्वर्ण पदक।
- योनेक्स डच ओपन 2019- स्वर्ण पदक।
- सारलोलकस ओपन 2019 सारबरूकेन- स्वर्ण पदक।
- स्कॉटिश ओपन ग्लासगो 2019- स्वर्ण पदक।
- बांग्लादेश इंटरनेशनल चैलेंज 2019- स्वर्ण पदक।
- योनेक्स डच ओपन 2021- रजत पदक।
- विक्टर डेनमार्क ओपन 2021- कांस्य पदक।
- हाइलो सारलोलक्स ओपन 2021- कांस्य पदक।
- ऑल इंडिया सीनियर रैंकिंग हैदराबाद 2019-स्वर्ण पदक।
- 83 सीनियर बैडमिंटन चैंपियनशिप 2020 गुवाहाटी- रजत पदक।
- ऑल इंडिया सीनियर रैंकिंग टूर्नामेंट बंगलुरु 2019- स्वर्ण पदक।
- जूनियर नेशनल बैडमिंटन चैंपियनशिप 2016 कर्नाटक- स्वर्ण पदक।
- टाटा ओपन इंडिया इंटरनेशनल चैलेंज 2018- स्वर्ण पदक।
- वर्ल्ड जूनियर बैडमिंटन चैंपियनशिप 2018 कनाडा- कांस्य पदक।
- यूथ ओलंपिक,2018 अर्जेंटीना-रजत पदक।
- बैडमिंटन एशिया जूनियर चैंपियनशिप 2018- स्वर्ण पदक।
- यूरेशिया बुल्गारिया ओपन 2017- स्वर्ण पदक।
- इंडिया इंटरनेशनल सीरीज 2016 हैदराबाद- स्वर्ण पदक।
- इस्राइल जूनियर इंटरनेशनल बैडमिंटन टूर्नामेंट 2012- स्वर्ण पदक।
- लीनिंग सिंगापुर यूथ इंटरनेशनल सीरीज 2011-स्वर्ण पदक
- (अंडर 11) योनेक्स जर्मन जूनियर इंटरनेशनल चैंपियनशिप 2017- रजत पदक।
- योनेक्स डच जूनियर इंटरनेशनल चैंपियनशिप 2017- कांस्य पदक।
- बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड सीरीज टूर्नामेंट 2021 में अब तक के सबसे युवा भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी बनकर प्रतिभाग।
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