कुकुछीना के निकट पांडुखोली में स्थित महावतार बाबा की पवित्र गुफा तमाम संतों और महापुरुषों की ध्यान स्थली रही है। श्यामाचरण लाहरी जैसे संत ने अपने गुरुमहावतार बाबा से क्रिया योग की दीक्षा इसी गुफा में ली थी।
परमहंस योगानंद को बाबा ने 25 जुलाई 1920 में दर्शन दिए थे। इसीलिए इस तिथि को प्रतिवर्ष बाबा जी की स्मृति दिवस के रूप में मनाया जाता है।
कुकुछीना के पांडुखोली स्थित श्रीश्री महावतार बाबा की पवित्र गुफा देश-विदेश के संत, महात्माओं की ध्यान स्थली रही है। महान संत श्यामाचरण लाहरी को उनके गुरु महावतार बाबा ने 1863 में इसी गुफा में क्रिया योग की दीक्षा दी थी।
दीक्षा देने के साथ ही गुरु ने अपने परम शिष्य को बताया था कि वह जिस क्रिया योग को उनके माध्यम से संसार को दे रहे हैं उसी ज्ञान को कभी भगवान कृष्ण ने अर्जुन को दिया था।
विख्यात संत परमहंस योगानंद को महावतार बाबा ने कोलकाता में 25 जुलाई 1920 में दर्शन दिए थे। इसीलिए बाबा की स्मृति मे इस तिथि को स्मृति दिवस के रूप में मनाया जाता है।
योगदा सत्संग सोसाइटी द्वारा होने वाले इस आयोजन में भक्तगण द्वाराहाट के योगदा आश्रम से बाबा की डोली पांडुखोली स्थित गुफा में ले जाते हैं।
बाद में गुफा के निकट भंडारा होता है। समाधिस्थ दया माता सहित कई संतों ने बाबा की गुफा में महीनों तक ध्यान किया है। फिल्म अभिनेता रजनीकांत और जूही चावला भी बाबा की गुफा के दर्शन को आते रहे हैं।