अल्मोड़ा। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के जागेश्वर धाम पहुंचने की चकाचौंध में आंवला के सांसद धर्मेंद्र कश्यप की ओर से 31 जुलाई मंदिर के पुजारियों और मंदिर कमेटी के प्रबंधक से किए गए अपमान को लगता है भुला दिया गया है। न तो मंदिर के प्रबंधक, पुजारियों ने और ना ही भाजपा नेताओं ने यह मुद्दा नड्डा के समख उठाया। इससे लगता है कि नड्डा के भ्रमण कार्यक्रम की चकाचौंध से सभी इस अपमान को भूल गए।
31 जुलाई को उत्तर प्रदेश के आंवला के सांसद धर्मेंद्र कश्यप और उनके दो साथियों ने जागेश्वर धाम में प्रबंधक और पुजारियों के साथ अभद्रता की। प्रबंधक भगवान भट्ट ने इस मामले में सांसद धर्मेंद्र कश्यप और उनके दो साथियों के खिलाफ राजस्व पुलिस में एफआईआर भी दर्ज कराई थी। इसके बाद पुजारियों, भाजपा के नेताओं के साथ ही कांग्रेस और अन्य राजनीतिक दलों के नेताओं ने सांसद कश्यप के दुर्व्यवहार की कड़ी निंदा की थी। विपक्षी दलों ने इसको लेकर भाजपा सांसद कश्यप के खिलाफ कार्रवाई कर उन्हें भाजपा से निकालने और सांसद से माफी मांगने की तक मांग की थी।
परंतु बृहस्पतिवार को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नड्डा जागेश्वर धाम पहुंचे लेकिन इस मुद्दे को मंदिर के प्रबंधक, पुजारियों और भाजपा नेताओं ने नहीं उठाया। मंदिर समिति के प्रबंधक भगवान भट्ट का कहना है कि वह कार्यक्रम में काफी व्यस्त थे। इस कारण वह इस मुद्दे को नड्डा के समक्ष नहीं रख पाए। वहीं भाजपा जिलाध्यक्ष रवि रौतेला का कहना है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के संज्ञान में कोई भी यह मुद्दा नहीं लाया।
अपमान का मुद्दा राष्ट्रीय अध्यक्ष के सम्मुख नहीं उठाना दुर्भाग्यपूर्ण
अल्मोड़ा। उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी का कहना है कि जागेश्वर मंदिर कमेटी, पुजारियों और भाजपा नेताओं को सांसद धर्मेंद्र कश्यप द्वारा किए गए अपमान का मुद्दा नड्डा के सम्मुख नहीं उठाना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा है कि भाजपा हिंदू धर्म और मंदिरों को लेकर राजनीति करती है, लेकिन किसी ने भी यह मुद्दा राष्ट्रीय अध्यक्ष के सामने नहीं रखा। जबकि सार्वजनिक हुआ यह मुद्दा भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के संज्ञान में आया होगा, लेकिन उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। संवाद