अल्मोड़ा। शनिवार शाम को जागेश्वर धाम में आकर मंदिर समिति के पदाधिकारियों के साथ अभद्रता और गाली गलौज से नाराज पुजारी सांसद के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए। पुजारियों ने इस दौरान धार्मिक अनुष्ठान भी नहीं कराए। उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति नहीं हो इसके लिए भी कड़े कदम उठाए जाएं।
शनिवार को यूपी के आंवला के सासंद धर्मेंद्र कश्यप सायं के समय जागेश्वर धाम पहुंचे। परंपरा के अनुसार सायं छह बजे मंदिर का गेट बंद कर दिए जाते हैं, लेकिन भाजपा सांसद कश्यप धौंस दिखाने लगे। उन्होंने मंदिर कमेटी के प्रबंधक के साथ गाली-गलौच और हाथापाई की। इस घटना से जागेश्वर धाम के पुजारी और जनता आक्रोशित है।
पुजारियों ने सांसद कश्यप के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर रविवार को सायं तीन बजे से पांच बजे तक जागेश्वर मंदिर परिसर में धरना दिया। उन्होंने कहा कि समाज का कोई भी व्यक्ति जागेश्वर धाम में पूजा करने पहुंचे तो वह सामान्य और आम जन की तरह पूजा अनुष्ठान करे। वीआईपी और वीपीआईपी व्यवस्था समाप्त की जानी चाहिए।
उन्होंने मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने की मांग की, ताकि भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति नहीं हो। धरने में पुजारी प्रतिनिधि पंडित भगवान भट्ट, पंडित कमल भट्ट, पंडित कैलाश भट्ट, पंडित गोपाल भट्ट, पंडित आनंद भट्ट, पंडित दीपक भट्ट, पंडित हरीश भट्ट, पंडित पूरन भट्ट आदि रहे।
यह कहना है पुजारियों का
भगवान के दरबार में एक सांसद की अभद्रता करना जहां मर्यादा के विपरीत है वहीं सनातन धर्म को इससे गहरी चोट पहुंची हैं। इस घटना से जागेश्वर धाम की प्रतिष्ठा को चोट पहुंची है।
पं. आनंद भट्ट।
जागेश्वर धाम में मंदिर प्रबंधन समिति के अध्यक्ष से अभद्रता करना घोर निंदनीय है। एक सांसद से इस तरह के व्यवहार की अपेक्षा नहीं की जाती है। यह संसद नहीं है बल्कि भगवान का दरबार है।
पं. शुभम भट्ट।
भगवान के दरबार में वीआईपी, वीवीआईपी की व्यवस्था खत्म होनी चाहिए। आने वाले सभी श्रद्धालुओं को मंदिर प्रबंधन समिति द्वारा तय किए गए नियमों का पालन करना चाहिए।
पं. नवीन भट्ट।
मंदिर में कोई भी व्यक्ति दर्शन, पूजा को आ सकता है लेकिन मंदिर में अभद्रता करने वालों को किसी भी तरह बख्शा नहीं जाना चाहिए। सांसद के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
पं. कमल भट्ट।