अल्मोड़ा। जंगलों में बढ़ती वनाग्नि की घटनाओं पर नियंत्रण के लिए वन विभाग को ग्रामीण और स्वयं सहायता समूह समेत अन्य विभागीय कार्मिक भी सहयोग कर रहे हैं। जिला प्रशासन की पहल और अपील के बाद स्वयं सहायता समूह एवं ग्रामीण संगठन जंगलों की आग पर नियंत्रण के लिए कार्य कर रहे हैं। इस कार्य में खासकर महिला संगठनों का भी सहयोग मिल रहा है।
सहायक परियोजना अधिकारी डीआरडीए चंदा फर्त्याल ने बताया कि वर्तमान में जिले में 2712 स्वयं सहायता समूह और 338 ग्राम संगठन हैं। इनकी भी सहायता से वनाग्नि की घटनाओं को रोके जाने के लिए तत्परता से कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि पिछले दिनों लमगड़ा क्षेत्र में वनों में लगी आग को बुझाने के लिए लमगड़ा उन्नति ग्राम संगठन के 20 स्वयं सहायता समूहों ने जंगलों में लगी आग को बुझाया। बुधवार रात द्वाराहाट क्षेत्र के 15 स्वयं सहायता समूहों ने रात्रि में वनाग्नि पर नियंत्रण पाया। जंगलों में लगी आग बुझाने को स्वयं सहायता समूह क्षेत्र में तैनात वन विभाग के कार्मिकों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्य कर रहे हैं।
डीएम वंदना सिंह ने ग्राम्य विकास विभाग को निर्देश दिए कि इस संबंध में सभी स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों को वनाग्नि की रोकथाम के दौरान विशेष सतर्कता और सुरक्षा बरते जाने के लिए भी अपने स्तर से समय-समय पर जानकारी दें। इससे आग बुझाते समय उनकी भी सुरक्षा बनी रहेगी। डीएम ने नागरिकों से भी अपील की है वह वनाग्नि की घटनाओं की रोकथाम को विशेष सहयोग प्रदान करें ताकि वनों को सुरक्षित रखने के साथ ही पर्यावरण को साफ और स्वच्छ रखा जा सके। जिससे कि वनाग्नि से होने वाली हानियों की रोकथाम हो सके।