अल्मोड़ा /चौखुटिया/रानीखेत/द्वाराहाट/सोमेश्वर। 12 सूत्री मांगों के लिए आंदोलन कर रही आशा कार्यकर्ताओं ने शनिवार को चेतावनी रैली निकालकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने मांग पूरी नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी।
आशाओं को 21 हजार रुपये वेतन देने, सरकारी कर्मचारी घोषित करने समेत 12 सूत्री मांगों के लिए आशाओं का आंदोलन जारी है। शनिवार को उन्होंने चौघानपाटा से मालरोड, शिखर तिराहा, लाला बाजार, थाना बाजार होते हुए पूरे बाजार में जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। आशाओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कहा कि लगातार आंदोलन के बाद भी उनकी मांगों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। उन्होंने शीघ्र मांग पूरी नहीं होने पर कड़े कदम उठाने की चेतावनी दी। डीएम को ज्ञापन भी सौंपा। इस मौके पर जिलाध्यक्ष विजय लक्ष्मी, ब्लॉक अध्यक्ष ममता तिवारी, नीमा जोशी, पूजा बगड़वाल, किरन, खष्टी, पुष्पा, भगवती आर्या, आनंदी महरा, जानकी कांडपाल, कमला रावत आदि रहे।
चौखुटिया में आशा कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर सीएचसी परिसर से जुलूस निकाला। जुलूस में दीपा देवतला, ललिता चौधरी, मंजू मेहरा, मंजू बिष्ट, कमला नेगी, उमा बिष्ट, नीमा देवी, राधा, रेवती, शोभा देवी सहित तमाम कार्यकत्रियां शामिल थीं। भिकियासैंण में भी आशाओं ने चेतावनी रैली निकालकर राज्य सरकार के खिलाफ नारे लगाए। इस मौके पर सरस्वती मेहरा, पूजा रावत, निर्मला भंडारी, आशा देवी, कमला देवी, लक्ष्मी, सरस्वती, रेनू पपनै, हंसी देवी, हेमा देवी आदि शामिल थीं।
रानीखेत में भी आशाओं ने 12 सूत्री मांगों के लिए सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं का जिम्मा उनके ऊपर है, लेकिन सरकार बिना धनराशि दिए उनसे काम करवा रही है। यहां कुसुम जोशी, गीता सजवाल, कमला बिष्ट सहित मौजूद थे। द्वाराहाट में आशा कार्यकर्ताओं के समर्थन में पूर्व विधायक मदन सिंह बिष्ट भी पहुंचे। उन्होंने सरकार पर महिला कर्मचारियों के उत्पीड़न का आरोप लगाया। सामाजिक कार्यकर्ता नारायण रावत ने भी सरकार से आशाओं की मांगों को शीघ्र पूरा करने की मांग की। यहां कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष दीपक बिष्ट, मानवाधिकार संघ प्रदेश अध्यक्ष पूरन जोशी, शंकर कैड़ा, धन सिंह आदि थे। सोमेश्वर में भी आशाओं ने जुलूस निकाल प्रदर्शन किया।