विनोद नदी में तिमली और मेहरगांव पेयजल योजनाओं का निर्माण किया गया है। जल संस्थान के मुताबिक जाड़ों में पर्याप्त बारिश न होने से गर्मी बढ़ने के साथ नदी के जलस्तर में 20 प्रतिशत की कमी आ गई है। नदी में जलापूर्ति करने वाले गाड़-गधेरे सूखने लगे हैं। ऐसे में इन पेयजल योजनाओं से पर्याप्त पानी की आपूर्ति करना चुनौती बन रहा है। फिलहाल गर्मी की शुरुआत है। अगले कुछ दिनों में तेज गर्मी पढ़ने के साथ नदी के जलस्तर में और कमी आने का अनुमान है।
रामगंगा का भी घटा जलस्तर
अल्मोड़ा। जल संस्थान के मुताबिक विनोद नदी के साथ ही अन्य गाड़-गधेरे रामगंगा की सहायक नदियां हैं। इन छोटी नदियों और गाड़-गधेरों से ही जिले की प्रमुख रामगंगा नदी में जलापूर्ति होती है। गर्मी बढ़ने के साथ ही रामगंगा नदी का भी जलस्तर 30 से 40 प्रतिशत तक घट गया है जो निरंतर जारी है। ऐसे में इस नदी से बनी पेयजल योजनाओं से अपनी प्यास बुझा रहे चौखुटिया सहित आसपास के क्षेत्रों के लोगों को आने वाले समय में जल संकट से जूझना पड़ सकता है।
I विनोद सहित अन्य नदियों का जलस्तर लगातार घट रहा है। फिलहाल नदियों में बनी पेयजल योजनाओं से पर्याप्त पानी की आपूर्ति हो रही है। भविष्य में इन नदियों का जलस्तर और घटा तो दिक्कत बढ़ सकती है।
-अनुज खाती, जेई, जल संस्थान, रानीखेत।
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