शराब के शौकीनों को यह खबर राहत देने वाली है। शासन की ओर से एफएल टू की जगह पुरानी आबकारी नीति लागू किए जाने और कारोबार मंडी परिषद से छीन लिए जाने के बाद राज्य में शराब औसतन छह रुपये प्रति बोतल सस्ती हो सकती है।
ऐसे में अब शराब के शौकीनों को प्रति बोतल औसतन छह रुपये कम देना होगा। उल्लेखनीय है कि एफएल टू आबकारी नीति के तहत शराब का कारोबार मंडी परिषद के हाथों में होने की वजह से प्रति पेटी 70 रुपये हैंडलिंग शुल्क वसूला जाता था।
नई आबकारी नीति में अब समाप्त कर दिया गया है। इस हैंडलिंग शुल्क का बोझ शराब के शौकीनों पर पड़ता था। आबकारी विभाग के ही आंकड़ों नजर डाले तो राज्य में कुल मिलाकर सालाना 40 लाख पेटी शराब का कारोबार होता है।