गठवाला खाप के लिसाढ़ गांव में दंगे के आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश देने गई एसपी देहात के नेतृत्व में पुलिस टीम का भारी विरोध हुआ। ग्रामीणों की आरोपियों के गिरफ्तारी के सवाल पर एसपी देहात से तीखी नोकझोंक हुई।
महिलाएं और ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर पुलिस टीम से उलझ पड़े। पुलिस टीम को गांव में घुसने नहीं दिया गया। पुलिस टीम को बगैर कुर्की और आरोपियों के गिरफ्तारी किए बगैर लौटना पड़ा।
महिलाएं लाठी डंडे लेकर उतरी
शनिवार को अपराह्न करीब तीन बजे एसपी देहात आलोक प्रियदर्शी मय भारी फोर्स के साथ गठवाला खाप के गांव लिसाढ़ पहुंचे। पुलिस को गांव में दबिश देकर आरोपियों की गिरफ्तारी करनी थी। अदालत के आदेश पर कई आरोपियों के घर की कुर्की की कार्रवाई भी करनी थी।
गांव में पुलिस बल के आने की सूचना लिसाढ़ गांव में जंगल में आग की तरह फैल गई। पूरे गांव की महिलाएं एवं ग्रामीण आनन-फानन में लाठी-डंडे लेकर घर से बाहर निकल पडे़।
महिलाओं और ग्रामीणों ने गलियों में आकर पुलिस बल को गांव के अंदर घुसने से रोक दिया।
ग्रामीण बोले उन्हें किसी पर यकीन नहीं
ग्रामीणों की एसपी देहात आलोक प्रियदर्शी के साथ तीखी झड़प हुई। ग्रामीणों ने कहा कि एसआईटी की जांच पर उन्हें यकीन नहीं है। गांव के निर्दोषों को गैंगरेप, आगजनी, हत्या आदि जैसे जघन्य मामले में फंसाया गया है।
निर्दोष लोगों को किसी भी कीमत पर जेल नहीं जाने देंगे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि बगैर सूचना के रात में गांव में पुलिस के दविश देने पर उनका मुकाबला किया जाएगा। ग्रामीणों और महिलाओं के गुस्से को देखकर पुलिस टीम लिसाढ़ से बैरंग लौट आई।