गए वो दिन हवाओं से खौफ खाते थे
हवा से कहो, चिरागों से होशियार रहे।
प्रेम दिवानों की जिन्दगी के मालिक बन बैठे समाज के अलंबरदारों के लिए एक बार फिर खतरे की घंटी बजी है। इस बार पंचायती फरमान को ठेंगा दिखाया है एक प्रेम दीवानी ने। मामला बागपत जिले के छपरौली से प्रेमी युगल के घर से भागकर मंदिर में शादी कर लेने का है। रविवार को पंचायत ने फरमान सुनाया था कि इस युगल को छपरौली लाकर दोनों की अलग-अलग शादी कर दी जाए।
इस पर रविवार को पंचायत में शामिल रहे लोग लड़की के परिजनों के साथ उसे लेने गाजियाबाद पहुंच गए। उसे पंचायती फरमान के बारे में भी बताया, लेकिन उसने टका सा जवाब दे दिया। चाहें कुछ भी हो जाए, मैं नहीं जाऊंगी। इस पर ये लोग अपना मुंह लेकर मायूस होकर लौट आए।
लड़की ने हौंसला दिखाते हुए यह भी कह दिया कि अगर लड़के का परिवार उसका साथ छोड़ दे, तो भी वह छपरौली नहीं जाएगी। उसने पंचों से सवाल किया कि उस पर दबाव क्यों बनाया जा रहा है? उसने न तो गैर मजहब में शादी की है और न ही गैर बिरादरी में और न अपने गोत्र में? इस पर पंच चुप्पी साध गए। वहां मौजूद रहे लोगों ने बताया कि बाद में पंचों ने हवाला दिया कि इस तरह प्रेम विवाह करना ठीक नहीं लेकिन लड़की ने उनकी एक न सुनी।
वाल्मीकि समाज से ताल्लुक रखने वाला यह युगल फिलहाल गाजियाबाद में रह रहा है। लड़की को लेने के लिए छपरौली के चेयरमैन संजीव भी गए थे। उनके मुताबिक उनके अलावा चौबीस खाप के चौधरी बलजोर सिंह, यशपाल सिंह, पुनीत, श्याम सिंह, मास्टर राजेन्द्र, कुलदीप सिंह समेत काफी लोग गाजियाबाद गए थे। चेयरमैन संजीव ने बताया कि लड़की ने आने से मना कर दिया।
पुलिस ने की पूछताछ
प्रेम विवाह पर हुई पंचायत के मामले में छपरौली थाना पुलिस ने लड़की के परिवार के लोगों से पूछताछ की। इसके बाद ही ये लोग गाजियाबाद रवाना हुए। एसओ के मुताबिक उनसे उन्होंने कहा था कि वे किसी तरह की जोर जबरदस्ती नहीं करेंगे। अगर लड़की अपनी मर्जी से आएगी तो ठीक है, वरना कोई बात नहीं।