यूपी में दारोगाओं की प्रमोशन प्रक्रिया में अब नया पेंच सामने आया है। वर्ष 1989-90 में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले दारोगाओं का रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है, जिससे वरिष्ठता सूची का निर्धारण होगा।
जिलों से पूछा गया है कि यह दारोगा कहां तैनात रहे हैं और वर्तमान में स्थिति क्या है। डीआईजी (स्थापना) भगवान स्वरूप ने सभी रेंज और जिलों को इस संबंध में निर्देश भेजकर रिपोर्ट मांगी है।
दरअसल, 1989-90 में जिन दारोगाओं ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। उनमें से 244 के वर्तमान की स्थिति का रिकॉर्ड नहीं मिला है। डॉ. भीमराव अंबेडकर पुलिस प्रशिक्षण अकादमी मुरादाबाद के अलावा अन्य अकादमी से इस अंतराल में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले दारोगाओं की पूरी सूची भेजी गई है।
अब अधिकारी यह छंटनी करा रहे हैं कि सूची में शामिल दारोगा कहां-कहां तैनात रहे हैं। बता दें कि पुलिस प्रशिक्षण अकादमी की तरफ से जारी इस सूची में 1989-90 बैच के वह दारोगा भी शामिल हैं, जो उत्तर प्रदेश के विभाजन के बाद उत्तराखंड चले गए।
कुछ ऐसे भी हैं, जिन्होंने पुलिस की नौकरी छोड़ दी। इनमें एक नाम ऐसा भी है, जो वर्तमान में एसडीएम हैं जबकि दूसरे कृषि विभाग में डिप्टी डायरेक्टर बताए जा रहे हैं। दोनों ही अधिकारियों ने दारोगा का प्रशिक्षण प्राप्त तो किया लेकिन फिर नौकरी छोड़ दी।